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आंध्र प्रदेश में शहरी निकाय चुनाव पर रोक को लेकर सियासत तेज, एनडीए ने वाईएसआरसीपी पर लगाया साजिश का आरोप

आंध्र प्रदेश में शहरी निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक घमासान बढ़ गया है। राज्य चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 100 शहरी निकायों में चुनाव प्रक्रिया को तत्काल रोक दिया है। इस फैसले पर एनडीए ने कहा कि वह आयोग के फैसले का सम्मान करती है लेकिन विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) पर चुनाव रोकने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

वाईएसआरसीपी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्य चुनाव आयोग को उम्मीदवारों की अंतिम सूची को 25 अक्टूबर तक टालने का निर्देश दिया था। इसके बाद आयोग ने सभी 100 शहरी निकायों में चुनाव प्रक्रिया रोक दी। आयोग गुरुवार को इस पर फैसला लेगा कि जहां कानून-व्यवस्था के कारण उम्मीदवार नामांकन नहीं कर पाए, वहां नामांकन की आखिरी तारीख बढ़ाई जाए या नहीं।

इसके बाद मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री और जनसेना प्रमुख पवन कल्याण और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीवीएन माधव ने संयुक्त बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार चुनाव को पारदर्शी, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

बयान में कहा गया, “हमने 2024 का चुनाव आंध्र प्रदेश के पुनर्निर्माण के वादे के साथ लड़ा था। लोगों ने हम पर भरोसा किया और गठबंधन को सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी। पिछले दो सालों में हमने कल्याण, विकास और सुशासन पर ध्यान दिया है। हमने लोगों का विश्वास बहाल किया है।”

नेताओं ने कहा कि मजबूत स्थानीय निकाय राज्य के विकास के लिए जरूरी हैं और 16वें वित्त आयोग और केंद्र सरकार से फंड पाने के लिए समय पर चुनाव कराना भी जरूरी है। वहीं, वाईएसआरसीपी पर हमला बोलते हुए एनडीए नेताओं ने कहा कि वाईएसआरसीपी ने शुरू से ही लोकल बॉडी चुनाव रोकने की कोशिश की है।

एनडीए नेताओं ने याद दिलाया कि वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान कैसे चुनाव हुए थे। बयान में कहा गया, “तब हिंसा और धमकी से पूरे राज्य में डर का माहौल था। विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन तक दाखिल नहीं करने दिया गया। वाईएसआरसीपी ने इन जबरन नतीजों को जीत के तौर पर मनाया। आज जब चुनाव कानून के तहत हो रहे हैं, तो वाईएसआरसीपी हर तरह से बाधा डाल रही है।”

अंत में टीडीपी, जनसेना और भाजपा ने कहा कि उन्हें लोकतंत्र में पूरा भरोसा है और वे निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पूरा सहयोग करेंगे।

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