प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला समेत कई दिग्गज नेताओं ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने हेमंत सोरेन की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।”
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लिखा, “झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना है।” केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी झारखंड के मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं। झारखंड के रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में 1975 में आज के दिन जन्मे हेमंत सोरेन वरिष्ठ आदिवासी नेता और जेएमएम के संस्थापक शिबू सोरेन के बेटे हैं।
हेमंत सोरेन का संसदीय राजनीतिक सफर 2009 में शुरू हुआ, जब वे झारखंड से राज्यसभा सदस्य बने। सितंबर 2010 में उन्हें झारखंड का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया और वे जनवरी 2013 तक इस पद पर रहे। उसी साल बाद में उन्होंने जेएमएम-राजद-कांग्रेस गठबंधन सरकार का नेतृत्व करते हुए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
झारखंड के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में इनका कार्यकाल 13 जुलाई 2013 से 23 दिसंबर 2014 तक रहा। 2014 के विधानसभा चुनावों में सोरेन दुमका निर्वाचन क्षेत्र से हार गए, लेकिन बरहेट सीट से जीतकर उन्होंने अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखी। जनवरी 2015 में उन्हें झारखंड विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया।
2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में जेएमएम के नेतृत्व में गठबंधन को बहुमत मिला। हेमंत सोरेन ने दुमका और बरहेट दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से विधानसभा चुनाव लड़ा। दोनों सीटों पर जीत हासिल करने के बाद वे दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। 2022 में उन्होंने झारखंड विधानसभा में विश्वास मत सफलतापूर्वक जीता, जिससे मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी स्थिति और मजबूत हुई।
हालांकि, सोरेन ने जमीन से जुड़े कथित घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से गिरफ्तार किए जाने से पहले 31 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें 28 जून 2024 को रिहा किया गया। रिहाई के बाद वह वापस पद पर लौटे और जुलाई 2024 में फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिससे राज्य के सबसे बड़े राजनीतिक पद पर उनकी वापसी हुई।

