N1Live National लोकसभा में प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला, ‘छात्रों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज, पेलेट गन चलाने की क्या जरूरत थी?’
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लोकसभा में प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला, ‘छात्रों पर आंसू गैस, लाठीचार्ज, पेलेट गन चलाने की क्या जरूरत थी?’

Priyanka Gandhi attacks the government in the Lok Sabha: "What was the need to use tear gas, lathi-charge, and pellet guns against students?"

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज दबाने का काम कर रही है और छात्र आंदोलन के दौरान बल प्रयोग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा।

प्रियंका गांधी ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पूछना चाहती हूं कि छात्रों पर आंसू गैस छोड़ने, लाठीचार्ज करने, पेलेट गन और एके-47 का इस्तेमाल करने की क्या जरूरत थी? क्या वे छात्र आतंकवादी थे? देश के युवाओं पर पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? क्या यह आदेश प्रधानमंत्री ने दिया या गृह मंत्री ने? इसका जवाब उन्हें देना होगा। सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, पूरा देश इसका जवाब मांग रहा है।”

उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले वह दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में उस छात्रा का हालचाल जानने गई थीं, जो पुलिस लाठीचार्ज में घायल होने के बाद आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही थी।

प्रियंका गांधी ने बताया कि उनके अस्पताल पहुंचने से कुछ समय पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और अन्य नेता भी छात्रा से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि जब वह वहां पहुंचीं तो छात्रा की मां बेहद दुखी थीं और उन्होंने हाथ जोड़कर कहा, “आपके आने के लिए धन्यवाद, लेकिन मैं किसी से मिलना नहीं चाहती। मैं किसी से बात नहीं करना चाहती। सुबह से बड़े-बड़े नेता एक के बाद एक आ रहे हैं, वीडियो बना रहे हैं। मेरी बेटी की इस हालत के लिए जो जिम्मेदार हैं, वे भी यहां आए। आखिर क्यों?”

कांग्रेस सांसद ने कहा कि उस मां का दर्द साफ दिखाई दे रहा था और पूरा शरीर कांप रहा था। सरकार पर हमला जारी रखते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने लगातार रोजगार पैदा करने वाले सभी क्षेत्रों को कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है।

उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए हैं। इससे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन पेपर लीक माफिया के एक भी सदस्य को सजा नहीं मिली।”

प्रियंका गांधी ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि वह देश के युवाओं से आखिर क्यों डर रही है और छात्रों की आवाज दबाने का अधिकार उसे किसने दिया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन पर बल प्रयोग और परीक्षा प्रणाली की विफलता जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को संसद और देश के सामने जवाब देना चाहिए।

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