चंडीगढ़, 20 मार्च, 2026:
आर्टस्केप्स, जो कला और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक गैर-लाभकारी संस्था है, ने आज पंजाब कला भवन, सेक्टर 16, चंडीगढ़ में 12वीं वार्षिक महिला कलाकार प्रदर्शनी 2026 का गर्वपूर्वक उद्घाटन किया।
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन हरियाणा के माननीय राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने, हरियाणा की लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष की गरिमामयी उपस्थिति में किया। माननीय राज्यपाल ने समकालीन कला को प्रोत्साहित करने और दृश्य कला के क्षेत्र में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करने हेतु एक सार्थक मंच प्रदान करने के लिए आर्टस्केप्स के निरंतर प्रयासों की सराहना की।
अपने 12वें संस्करण में, यह प्रदर्शनी महिला कलाकारों के लिए एक प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच के रूप में निरंतर स्थापित हो रही है। इस वर्ष इसे असाधारण प्रतिसाद प्राप्त हुआ, जिसमें भारत सहित ग्रीस, तुर्की, चेकोस्लोवाकिया, इंग्लैंड, पोलैंड, रूस और स्वीडन जैसे देशों से 1,000 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। कठोर चयन प्रक्रिया के पश्चात, 100 से अधिक कलाकृतियों को प्रदर्शित करने के लिए चयनित किया गया है, जो पेंटिंग, मूर्तिकला, प्रिंटमेकिंग, ड्राइंग और फोटोग्राफी सहित विविध माध्यमों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
उद्घाटन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण ₹3,00,000 की पुरस्कार राशि का वितरण रहा, जिसमें प्रोफेशनल और छात्र श्रेणियों में महिला कलाकारों के उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया गया। पुरस्कार विजेताओं को विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया, जिससे समारोह का उत्साह और भी बढ़ गया।
यह प्रदर्शनी प्रसिद्ध क्यूरेटर एवं लेखक प्रेमजीश आचारी के क्यूरेटोरियल नोट से और समृद्ध हुई है, जो प्रदर्शनी की अवधारणा और विषयगत सरोकारों पर महत्वपूर्ण दृष्टि प्रदान करता है। चयन प्रक्रिया एक प्रतिष्ठित ज्यूरी द्वारा सम्पन्न की गई, जिसमें समकालीन कलाकार विभा गल्होत्रा भी शामिल थीं, जो एशिया सोसाइटी गेम चेंजर अवार्ड की प्राप्तकर्ता हैं तथा इनलैक्स फाउंडेशन, रॉकफेलर फाउंडेशन बेलाजियो सेंटर और एशियन कल्चरल काउंसिल की फेलोशिप्स से सम्मानित हैं—जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में गहराई और गंभीरता आई।
2011 में स्थापना के बाद से, आर्टस्केप्स रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने, संवाद को बढ़ावा देने और कलात्मक आदान-प्रदान के लिए एक समावेशी मंच तैयार करने के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। वर्षों के दौरान, इसकी वार्षिक प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन के रूप में विकसित हुई है, जो न केवल कलात्मक उत्कृष्टता का उत्सव मनाती है, बल्कि महिला कलाकारों की आवाज़ों और अनुभवों को भी सशक्त रूप से सामने लाती है।
यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि कला की उस शक्ति का प्रमाण है जो संबंधों को सुदृढ़ करती है, परिवर्तन के लिए प्रेरित करती है और सांस्कृतिक कथाओं को आकार देती है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
सिमरत शर्मा
अध्यक्ष, आर्टस्केप्स
फोन: 98148 22427
महिला समकालीन कला प्रदर्शनी में विभिन्न राज्यों और देशों की कलाकारों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कृत किया गया। निर्णायक मंडल द्वारा चयनित कलाकारों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।
नैना सोमानी (उदयपुर, राजस्थान) को उनके वुडकट प्रिंट “They Saw Me Before I Saw the Architecture” (38 × 29 इंच) के लिए ₹50,000 का प्रथम पुरस्कार दिया गया। नैना सोमानी प्रिंटमेकर, शोधार्थी एवं अतिथि प्राध्यापक हैं और उनका कार्य शहरी जीवन, प्रकृति और मानवीय अनुभवों के संबंधों को दर्शाता है।
अलजोहरा जेजे (क्रेट, ग्रीस) को इसी शीर्षक के वुडकट कार्य के लिए ₹45,000 का पुरस्कार दिया गया। बहु-विषयक कलाकार जेजे का कार्य विभिन्न संस्कृतियों, पहचान और सामाजिक संरचनाओं पर आधारित है। उनके कार्य कई देशों में प्रदर्शित हो चुके हैं।
सुखजीत कौर (चंडीगढ़) को उनकी ऑयल पेंटिंग “Lineage” (182.88 × 76.2 सेमी) के लिए ₹40,000 का पुरस्कार मिला। उनका कार्य मानव आकृति, गति और भावनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से आंतरिक मनोभावों को प्रस्तुत करता है।
रिया कर (कोलकाता) को Untitled (Acrylic on Canvas, 122 × 158.4 सेमी) के लिए ₹35,000 का पुरस्कार दिया गया। उनके कार्य में शहरी जीवन और प्रकृति के बीच के संबंध तथा बदलते वातावरण में जीवों के संघर्ष को दर्शाया गया है।
हर्षिता (चंडीगढ़) को “Fragmented Self” (Etching & Aquatint, 20 × 30 इंच) के लिए ₹25,000 का पुरस्कार मिला। उनका कार्य आत्म-पहचान, भावनात्मक संघर्ष और मानवीय संबंधों की गहराई को प्रिंटमेकिंग के माध्यम से व्यक्त करता है।
ईशा सिंह (चंडीगढ़) को “आधुनिक श्रृंगार और स्वयं की पहचान” (Etching & Aquatint, 70.5 × 90.8 सेमी) के लिए ₹25,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया। उनके कार्य में आधुनिक स्त्री की पहचान, परंपरा और आत्म-चिंतन के विषय प्रमुख हैं।
नेत्री अग्रवाल (प्रयागराज) को Untitled (Watercolor on Paper, 55 × 71 सेमी) के लिए ₹20,000 का पुरस्कार दिया गया। उनके चित्र आत्म-अनुभव, एकांत और दैनिक जीवन के भावनात्मक पक्ष को दर्शाते हैं।
पंचम गौर (चंडीगढ़) को “Walking on Eggshells” (Etching, 40 × 20 इंच) के लिए ₹20,000 का पुरस्कार मिला। उनके कार्य में भारतीय पौराणिक कथाओं, इतिहास और समकालीन जीवन के बीच संबंधों को प्रिंटमेकिंग के माध्यम से व्यक्त किया गया है।
प्रदर्शनी में देश-विदेश की महिला कलाकारों की भागीदारी रही और चयनित कृतियों को समकालीन कला में महत्वपूर्ण योगदान के रूप में सराहा गया।


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