राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी और देवभूमि संघर्ष समिति ने बुधवार को यहां भाजपा मुख्यालय के बाहर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के जाति आधारित भेदभाव से निपटने के लिए जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने नए दिशा-निर्देशों के विरोध में खुद को हथकड़ी पहनाकर, शरीर पर जंजीरें लपेटकर और गले में रस्सी बांधकर अपना विरोध जताया। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने कहा कि यूजीसी के नए दिशा-निर्देश संविधान के अनुच्छेद 14 का स्पष्ट उल्लंघन हैं और सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव के समान हैं। उन्होंने आगे कहा, “इन नियमों से सामान्य वर्ग के छात्रों को बिना कोई अपराध किए ही जेल में डालने की स्थिति पैदा हो रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
ठाकुर ने कहा कि ये जंजीरें, हथकड़ियां और रस्सियां सामान्य वर्ग के छात्रों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों का प्रतीक हैं। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के सभी सांसद और विधायक इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों की कोई चिंता नहीं है। पार्टियों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इन दिशानिर्देशों को वापस नहीं लिया गया तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे और हिमाचल बंद का आह्वान करेंगे।


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