April 3, 2025
Punjab

पंजाब सरकार को सिख मामलों में हस्तक्षेप करने की बजाय राज्य के मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए: एसजीपीसी अध्यक्ष धामी

अमृतसर (पंजाब), 29 मार्च, 2025: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा सिख मामलों में हस्तक्षेप का कड़ा नोटिस लिया है और सरकार को अपने अधिकार क्षेत्र में रहते हुए राज्य में स्थिति सुधारने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है।

जारी एक बयान में एडवोकेट धामी ने राज्य विधानसभा में पंजाब सरकार के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा सिख मामलों में जानबूझकर नीति-आधारित हस्तक्षेप की कड़ी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि सिख स्वयं जानते हैं कि सामुदायिक मुद्दों को कैसे सुलझाया जाए और सिख मामलों में सरकारों का हस्तक्षेप समुदाय की भावनाओं के लिए एक बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा कि सरकार को अपने दायरे में रहकर पंजाब के लोगों के कल्याण तथा राज्य के हर क्षेत्र में बिगड़ते हालात को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए तथा सिख मामलों में हस्तक्षेप करके लोगों का ध्यान भटकाना नहीं चाहिए।

एडवोकेट धामी ने कहा कि पंजाब के लोग विभिन्न सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, जबकि सरकार के नुमाइंदे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सिखों के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी सरकार सिख मुद्दों में इतनी दिलचस्पी रखती है तो उसे सिख कैदियों के मुद्दे को सुलझाना चाहिए, जिसका वे दिल्ली में अपने शासन के दौरान दस साल तक विरोध करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रोफेसर देविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई का मामला दिल्ली सरकार के हाथ में है, जिसके प्रति उन्होंने जानबूझकर नकारात्मक रवैया अपनाया हुआ है। उन्होंने आम आदमी पार्टी पंजाब सरकार को सलाह दी कि वह अपने अधिकार क्षेत्र तक ही सीमित रहे और सिखों के अंदरूनी मामलों में दखल न दे।

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