पंजाब विधानसभा ने “पंजाब क्रशर यूनिट्स और स्टॉकिस्ट्स एवं रिटेलर्स विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026” को स्पष्ट बहुमत से पारित कर दिया है। यह विधेयक खनन एवं भूविज्ञान मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा सदन में प्रस्तुत किया गया था। गौरतलब है कि ये संशोधन राज्य में खनिज प्रसंस्करण गतिविधियों की निगरानी को और सख्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
संशोधित ढांचे के तहत क्रशर इकाइयों का अनिवार्य पंजीकरण, मासिक परिचालन रिपोर्ट का व्यवस्थित प्रस्तुतीकरण और बिजली खपत डेटा विश्लेषण के माध्यम से उत्पादन रुझानों की व्यवस्थित निगरानी अनिवार्य की गई है। नए प्रावधानों में अनियमितताओं को रोकने और आपूर्ति श्रृंखला में जवाबदेही बढ़ाने के लिए लघु खनिजों से जुड़े लेन-देन की डिजिटल ट्रैकिंग भी शुरू की गई है।
श्री बरिंदर कुमार गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि उल्लंघन और अवैध खनन प्रथाओं को रोकने के लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ नियामक तंत्र क्रशर इकाइयों, स्टॉकिस्टों और खुदरा विक्रेताओं के कुशल संचालन को सुगम बनाएगा, साथ ही सरकारी राजस्व स्रोतों की रक्षा करेगा और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार संचालन को बढ़ावा देगा।

