January 12, 2026
Entertainment

7 साल की उम्र से सीखा प्यारेलाल के भतीजे ने संगीत, ‘तेरे बिन’ से छाए, ‘मेलोडी’ को मानते हैं गाने की आत्मा

Pyarelal’s nephew learned music from the age of 7, became famous with ‘Tere Bin’, believes ‘melody’ is the soul of the song.

सात साल की छोटी उम्र से संगीत सीखने वाले मिथुन ने अपनी मधुर धुनों से बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई है। उनका मानना है कि हर गाने की आत्मा मेलोडी में ही बसती है और बिना मेलोडी के कोई गाना पूरा नहीं हो सकता। मशहूर म्यूजिक कंपोजर मिथुन का 11 जनवरी को जन्मदिन है।

मिथुन ने 11 साल की उम्र से ही संगीत की तालीम लेना शुरू कर दिया था और अपने पिता नरेश शर्मा के साथ स्टूडियो भी जाया करते थे। उनके पिता भी संगीत जगत से संबंध रखते हैं। उनके दादा भी संगीतकार थे। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जोड़ी में से एक प्यारेलाल रामप्रसाद शर्मा, मिथुन के चाचा थे।

मिथुन ने करियर की शुरुआत 2005 में फिल्म ‘जहर’ के गाने ‘वो लम्हे’ से की, जो रीक्रिएटेड था। इसके बाद ‘कलियुग’ में ‘अब तो आदत सी है मुझको’ जैसे गाने ने उन्हें नोटिस करवाया। असली सफलता उन्हें साल 2007 में मिली, जब फिल्म ‘अनवर’ के गाने ‘तोसे नैना लागे’ और ‘मौला मेरे’ सुपरहिट हुए, लेकिन सबसे बड़ा ब्रेकपॉइंट आया ‘तेरे बिन’ गाने से, जिसे आतिफ असलम ने गाया था। इस गाने ने उन्हें पहला स्टारडस्ट अवॉर्ड दिलाया और उन्हें ‘तेरे बिन’ कंपोजर के नाम से जाना जाने लगा।

साल 2013 में फिल्म ‘आशिकी 2’ के गाने ‘तुम ही हो’ ने मिथुन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। यह गाना आज भी लाखों दिलों में बस्ता है। इसके अलावा उन्होंने कई हिट फिल्मों के लिए संगीत दिया, जैसे ‘अलोन’, ‘आल इज वेल’, ‘कयामत से कयामत तक’, ‘ट्रैफिक’, ‘शिवाय’, ‘हाफ गर्लफ्रेंड’, ‘एक विलेन’, ‘सनम रे’, ‘की एंड का’, ‘बागी 2’, ‘कबीर सिंह’, ‘खुदा हाफिज’, ‘राधे श्याम’, और ‘गदर 2’।

मिथुन ने गैर-फिल्मी एल्बम में भी काम किया। वह आतिफ असलम और अभिजीत सावंत के साथ जुड़े रहे और कई एल्बम में काम किया। उनकी धुनें रोमांटिक, भावुक और यादगार होती हैं, जो सुनने वालों को लंबे समय तक साथ रखती हैं। मिथुन मेलोडी को गाने की ताकत और आत्मा दोनों मानते हैं।

एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि मेलोडी का क्या महत्व है। उन्होंने कहा, “संगीत बनाना और सुनना एक प्रक्रिया है। हर गाने की एक आत्मा होती है। यह लोगों की पसंद पर निर्भर करता है, लेकिन बिना मेलोडी के गाना बन ही नहीं सकता। मेरा मानना है कि गाने की ताकत और आत्मा दोनों मेलोडी होती हैं।”

मिथुन ने साल 2022 में मशहूर गायिका पलक मुच्छल से शादी की।

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