मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने आज कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार कार्यस्थल पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं को गोपनीय शिकायत दर्ज कराने में सक्षम बनाने के लिए कानून में संशोधन करेगी। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान हस्तक्षेप करते हुए सुक्खु ने कहा कि सरकार महिलाओं को सुरक्षित और संरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कानूनी बदलाव करेगी कि अपराधियों को दंडित किया जाए।
इंदोरा विधायक मलेंद्र राजन के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनी राम शांडिल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के 131 मामले दर्ज किए गए हैं।
शांडिल ने कहा कि सरकार केंद्र के POSH पोर्टल की तर्ज पर एक ऑनलाइन शिकायत तंत्र शुरू करने पर विचार कर रही है, जिसके माध्यम से महिलाएं अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत कर सकेंगी। प्रस्तावित प्रणाली से शिकायतकर्ताओं को अपनी शिकायतों की स्थिति जानने की सुविधा भी मिलेगी।
भूमि अधिग्रहण की लागत राज्य सरकार वहन करेगी। द्रांग विधायक पूरन चंद के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए सुखु ने कहा कि केंद्र ने एक नई शर्त लगाई है जिसके तहत राज्य सरकार को माताउर-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग के 16 किलोमीटर लंबे खंड के लिए भूमि अधिग्रहण की लागत वहन करनी होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी। यदि स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ, तो सरकार राजमार्ग पर टोल लगाएगी और भूस्वामियों को लागू दर से चार गुना अधिक मुआवजा देगी।

