लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब में कृषि मजदूर गुलजार सिंह की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार की विफलताओं पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ डराने-धमकाने का एक “खतरनाक तरीका” अपनाया जा रहा है। उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के तत्काल इस्तीफे की मांग की और गुलजार की मौत से जुड़े हालातों की स्वतंत्र जांच की मांग की। राहुल ने यह भी मांग की कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में चीमा का नाम भी शामिल किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि गुलज़ार ने अपने बेटे को नशे की लत का शिकार होते देखा था और पंजाब में नशीली दवाओं के व्यापार पर अंकुश लगाने में सरकार की अक्षमता को लेकर वित्त मंत्री से सवाल किया था। राहुल के अनुसार, इसके बाद गुलज़ार को अपमानित और प्रताड़ित किया गया और उन पर माफी मांगने का दबाव डाला गया, जिसके चलते अंततः उन्होंने आत्महत्या कर ली। राहुल ने आरोप लगाया, “पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार एक खतरनाक पैटर्न दिखा रही है: सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाओ, तो जवाब में धमकियां और यातनाएं दी जाती हैं।”
इसी बीच, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों की भावनाओं का सम्मान करने के बजाय एक दुखद घटना का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
गोयल ने मीडियाकर्मियों से कहा, “राहुल गांधी ने ड्रग्स और उनके खिलाफ कार्रवाई की बात की है, लेकिन मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि अगर पंजाब में ड्रग्स की समस्या के खिलाफ किसी सरकार ने निर्णायक कार्रवाई की है, तो वह आम आदमी सरकार की सरकार है। आपकी पार्टी 2017 में चार हफ्तों के भीतर ड्रग्स को खत्म करने का वादा करके सत्ता में आई थी। आपने पांच साल सरकार चलाई। उस दौरान आपने क्या किया?

