पूर्व कांग्रेसी नेता शकील अहमद के बाद जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को डरपोक नेता बताया है। तेज प्रताप के इस बयान पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि जिन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं, वे डरपोक ही होते हैं।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि तेजप्रताप यादव का बोलने का अपना अलग अंदाज है। लेकिन, राहुल गांधी जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करते हैं और जिस प्रकार की बातें करते हैं, उससे लगता है कि वे किसी प्रकार से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं करते। वे डरपोक ही होते हैं।
कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम के बयान पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस के साथ दिक्कत यह है कि पद्म सम्मान ‘चमचों’ को नहीं दिए जाते। ये कर्मयोगियों को दिए जाते हैं। अगर कोई वैज्ञानिक है, इनोवेटर है या समर्पित कार्यकर्ता है, तो उनके काम के आधार पर उनके योगदान को पहचाना जाता है। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का उपहास उड़ाने की जगह उन्हें समझना चाहिए कि देश के लिए यह कितना जरूरी है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर के बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि उनको समझना चाहिए कि शकील अहमद आपको आईना दिखा रहे हैं। बेहतर होगा कि आईना देखने के बाद आप उसे तोड़ें नहीं। पिछली बातों से सबक लें। वे दिखा रहे हैं कि कांग्रेस की लीडरशिप कैसे कमजोर हुई है। कांग्रेस नकारा हो चुकी है। राहुल गांधी के नेतृत्व में 95 से ज्यादा चुनाव हार चुके हैं। अगर अब भी नहीं सुधरे तो समय नहीं बचेगा।
भगत सिंह कोश्यारी का जिक्र करते हुए भाजपा नेता आरपी सिंह ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को नसीहत देते हुए कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का सामाजिक जीवन उनकी उम्र से कहीं ज्यादा है। उन्होंने निरंतर समाज के लिए काम किया है। इसी वजह से उन्हें पद्म सम्मान दिया जा रहा है।
शकील अहमद के बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि उनके जैसे बड़े वरिष्ठ नेता दूसरी पार्टी में चले गए। कांग्रेस का ग्राफ गिर रहा है। न तो कोई नेता है और न ही कोई नीति है। पार्टी में परिवार का वीटो चलता है। पार्टी हित नहीं देखा जाता। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए ठीक नहीं है।

