केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कथित तौर पर बांग्लादेशियों के लिए शेल्टर होम बनाए जाने के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कदम अच्छी बात है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस सरकार को यह काम 15 साल पहले ही कर देना चाहिए था।
गिरिराज सिंह ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने अपने कार्यकाल में वोट-बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों के लिए रेड कार्पेट बिछाया था। केंद्रीय गृह मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि अवैध घुसपैठियों को हटाया जाएगा और अब मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी उसी दिशा में काम कर रही हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार अगले एक साल में गिर जाएगी, गिरिराज सिंह ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारत और देश की जनता को समझ नहीं पाए हैं। केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी युवाओं को प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भड़काने, अशांति फैलाने और सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। यह देश प्रधानमंत्री मोदी से प्यार करता है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल हो या गैस संकट, देश हर मुश्किल में एकजुट होकर खड़ा रहा है। जब गरीबों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के लिए सब्सिडी छोड़ने की अपील की गई, तब करोड़ों लोगों ने प्रधानमंत्री की अपील पर सहयोग किया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब बदल चुकी है और देश प्रधानमंत्री मोदी के साथ मजबूती से खड़ा है।
वहीं, बलिदान रोकने को लेकर टीएमसी नेता हुमायूं कबीर की हालिया टिप्पणी पर भी गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘नए मुल्ला मत बनो’ और दावा किया कि ईरान व अरब देशों में भी नेताओं ने साफ कहा है कि गाय और ऊंट की कुर्बानी अनिवार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि कुरान में भी इस तरह का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि भारत में कुछ लोग हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए इस तरह के मुद्दों को बढ़ावा देते हैं। इससे नफरत फैलाने की कोशिश होती है। भारत सनातन परंपराओं वाला देश है और लोगों को किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए।

