भाजपा सांसद जगदंबिका पाल और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव और बिहार भाजपा अध्यक्ष ने राहुल गांधी पर एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका को राजनीतिक विवाद में घसीटने का आरोप लगाया। रामचंद्र ने कहा कि कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही है और चुनाव आयोग व न्यायपालिका को कमजोर कर रही है।
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका को राजनीतिक विवाद में घसीट रहे हैं। असल में, वह विपक्ष के नेता हैं और एक संवैधानिक पद पर हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही एसआईआर पर स्थिति स्पष्ट कर चुका है और भारत के चुनाव आयोग को कई दिशा-निर्देश दिए हैं, जिनका पालन किया जा रहा है। यहां तक कि ‘फॉर्म 6’ में बदलाव और नई चीजें जोड़ने का काम भी बिहार एसआईआर के बाद ही किया गया था, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने ही निर्देश दिए थे। लेकिन कांग्रेस पार्टी लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। वे न केवल लोगों को गुमराह कर रहे हैं, बल्कि भारत के चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को भी कम करने की कोशिश कर रहे हैं।”
रामचंद्र राव ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट तक उनका मार्च न्यायपालिका और कानूनी पेशे का अपमान है, क्योंकि अगर उन्हें कोई समस्या है, तो वकील उनकी ओर से याचिका दायर कर सकते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करना, जैसे कि वह राजनीतिक विवाद सुलझाने की जगह हो, बेतुका है। इसलिए, हम सुप्रीम कोर्ट जाने के उनके कदम का विरोध करते हैं। सुप्रीम कोर्ट की पवित्रता, न्यायिक गरिमा और उसकी स्वतंत्रता बनाए रखी जानी चाहिए। आपके राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, आप सड़कों पर लड़ सकते हैं, लेकिन आप सुप्रीम कोर्ट को इस राजनीतिक विवाद में नहीं घसीट सकते। आप कानूनी पेशे और कानूनी बिरादरी का अपमान कर रहे हैं।”
एसआईआर में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ इंडी गठबंधन के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, “बिल्कुल, उन्हें यह अधिकार है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। लेकिन क्या आजादी के बाद से देश में विपक्ष का कोई ऐसा नेता रहा है, जिसके बारे में किसी ने कल्पना भी की हो कि वह न्यायपालिका के खिलाफ मार्च करेगा? वे ज्ञापन सौंपने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। राहुल गांधी को न तो संविधान की जानकारी है, न ही संसदीय परंपराओं की और न ही न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्षता की।”
इंडी गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “राहुल गांधी सड़कों पर भीड़ जमा करके देश की सबसे बड़ी अदालत पर राजनीतिक दबाव बनाने की शर्मनाक कोशिश कर रहे हैं। यह न्यायपालिका का सीधा अपमान है। मुख्य न्यायाधीश ने साफ कहा था कि अदालत में लंबित मामलों में राजनीतिक ज्ञापन स्वीकार नहीं किए जा सकते। इसके बावजूद, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव के साथ मिलकर तमाशा करना हताशा को दिखाता है। पुलिस पर पत्थर फेंकने वालों को लोकतंत्र का प्रतिनिधि बताना शर्मनाक है। सुप्रीम कोर्ट वह जगह है जहां लोग न्याय मांगते हैं, न कि कांग्रेस के चुनावी ड्रामे का मंच।”
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा एक पत्रकार को धक्का देने के आरोपों पर संजय सरावगी ने कहा, “यह स्थिति हास्यास्पद है। राहुल गांधी के हाव-भाव और इशारे, जिस तरह से उन्होंने एक महिला पुलिस अधिकारी को गलत तरीके से छुआ और जिस तरह से वह अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता को मार रहे थे, ये सब साफ दिख रहा था। पार्टी कार्यकर्ता सबसे अहम होना चाहिए, लेकिन ऐसा लगता है कि कांग्रेस में राहुल गांधी से अधिक जरूरी कुछ भी नहीं है। जिस तरह से उन्होंने अपनी कोहनी से किसी को मारा और पुलिस अधिकारी को गलत तरीके से छुआ, वह अस्वीकार्य है।”

