केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें वो लगातार यह कह रहे हैं कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है।
रामदास आठवले ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी का यह कहना कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जाता है, बिल्कुल गलत है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। सच्चाई यह है कि जब वो संसद की कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार की गलत बयानबाजी करते हैं या कोई गलत तथ्य पेश करके संसद के सदस्यों को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, तो उसका विरोध किया जाता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अगर राहुल गांधी ने इस बात को इस तरह से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है, तो ये बिल्कुल गलत है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। राहुल गांधी की तरफ से लगाया गया यह आरोप बेबुनियाद है।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान राहुल गांधी ने गलत तथ्य पेश किया था, जिसमें पूर्व सेनाध्यक्ष की उस किताब के प्रसंग का बिना सोचे समझे जिक्र कर दिया, जो अभी तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में संसद में राहुल गांधी द्वारा पेश किए गए किसी भी प्रकार के गलत तथ्य को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इसे देखते हुए स्पीकर ने उन्हें रोका था। ऐसे में इस घटना को इस तरह से पेश करना कि उन्हें संसद में बोलने की इजाजत ही नहीं दी जा रही है, मैं समझता हूं कि बिल्कुल गलत है। यह उन जैसे वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता है।
उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी इस तरह के आरोप लगा रहे हैं, तो मैं कुल मिलाकर यही कहूंगा कि वो ऐसा करके अपनी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। इससे उन्हें कुछ भी अर्जित होने वाला नहीं है। लिहाजा उन्हें इस तरह के गलत आरोप लगाने से बचना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद में बोलने का सभी को अधिकार होता है। राहुल गांधी को भी बोलने पूरा अधिकार है। लेकिन, उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि वो सदन में बोलते समय में किसी भी प्रकार का गलत तथ्य पेश नहीं करें।

