उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश का असर अब दिल्ली-एनसीआर के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है। शनिवार सुबह से ही दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों में आसमान पर काले बादल छाए हुए हैं और कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 26 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर के लिए बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 26 और 27 सितंबर को सामान्य तौर पर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार, 26 सितंबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इस दिन सामान्य तौर पर बादल छाए रहेंगे और मध्यम बारिश हो सकती है। सुबह से लेकर पूर्वाह्न, दोपहर और शाम तक अलग-अलग समय पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
27 सितंबर को भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। आईएमडी के पूर्वानुमान में इस दिन अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान सामान्य तौर पर बादलों से घिरा रहेगा और मध्यम बारिश की संभावना है। सुबह, पूर्वाह्न, दोपहर और शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
28 सितंबर को भी बादल छाए रहने की संभावना है, हालांकि बारिश की तीव्रता कम होगी। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दिन हल्की बारिश का अनुमान है और कोई मौसम चेतावनी नहीं दी गई है। वहीं 29 सितंबर को मौसम में धीरे-धीरे सुधार की संभावना है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है और कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग के 26 सितंबर के उप-विभागीय पूर्वानुमान में पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। 27 सितंबर को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है। इसके चलते उत्तर प्रदेश से सटे दिल्ली-एनसीआर में भी बादल और बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। बारिश और तेज हवाओं के चलते सड़क यातायात प्रभावित होने, जलभराव तथा बिजली से जुड़ी दिक्कतों की आशंका बन सकती है।

