छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर हुई छापेमारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह और भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह ने भूपेश बघेल का बचाव करते हुए आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भाजपा लगातार उनकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता के बीच उनकी साख को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता।
उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि भूपेश बघेल एक मजबूत नेता और आवाज हैं। ये जांचें उनकी छवि को और निखारेंगी। भाजपा विपक्ष को दागदार बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन बघेल बेदाग थे और रहेंगे।”
सिंह ने यह भी पूछा कि इतनी जांचों के बाद भी कुछ क्यों नहीं मिला।
उन्होंने देशभर में हो रहे प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि यह लोगों का संवैधानिक अधिकार है। हालांकि, आपत्तिजनक नारों पर उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था का पालन राज्य सरकारों को करना चाहिए। दिल्ली के जज से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने जांच पूरी होने तक टिप्पणी से इनकार किया, लेकिन न्यायपालिका, श्रम, प्रशासन और वित्तीय क्षेत्रों में सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
दूसरी ओर, भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने भूपेश बघेल के यहां हुई छापेमारी को कानून के दायरे में बताया।
उन्होंने कहा, “कानून भाजपा या कांग्रेस का नहीं होता, यह अपना काम करता है। अगर कोई सबूत मिलता है, तभी कार्रवाई होती है। विपक्ष की बौखलाहट हो सकती है, लेकिन उन्हें कानून पर भरोसा रखना चाहिए।”
अग्रवाल ने वक्फ संशोधन विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि यह मुस्लिम समुदाय, खासकर गरीब और विधवा महिलाओं की भलाई के लिए है।
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