14 मई । राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को जालोर जिले के पानसेरी गांव में गुरुवार सुबह की सैर की। इस दौरान उन्होंने गांव वालों, स्कूली बच्चों, किसानों और पशुपालकों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों का अभिवादन किया और उनका हालचाल पूछा। उन्होंने स्कूल जा रहे बच्चों से भी बातचीत की, उन्हें चॉकलेट और टॉफियां बांटीं और उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने तथा बेहतर भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सुबह की सैर के बाद सीएम शर्मा ने गांव के ‘चौहटा’ (पारंपरिक केंद्रीय मिलन स्थल) पर गांव वालों के साथ चर्चा की, जहां लोगों ने स्थानीय विकास से जुड़ी कई मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर को गांव वालों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस दौरे के दौरान सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री केके बिश्नोई, स्थानीय जन प्रतिनिधि, और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे। इससे पहले बुधवार को मुख्यमंत्री ने पानसेरी गांव में ‘ग्राम विकास चौपाल’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने किसानों और पशुपालकों से बातचीत की।
गांव वालों को संबोधित करते हुए सीएम शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान के विकास के लिए एक रोडमैप तैयार किया है, जिसका लक्ष्य राज्य को एक “आदर्श राज्य” में बदलना है। उन्होंने कहा कि सरकार हर पंचायत में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री विकसित गांव-वार्ड अभियान चला रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिजली और पानी के बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी है और रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, गंग नहर सुदृढ़ीकरण कार्य, तथा माही और देवास परियोजनाओं सहित प्रमुख सिंचाई और जल परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सोम-कमला-अंबा परियोजना से जवाई बांध में पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे जालोर, पाली और सिरोही जिलों में पानी की बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
सीएम शर्मा ने यह भी बताया कि 24 जिलों के किसानों को अभी दिन के समय बिजली मिल रही है और 2027 तक इस सुविधा का विस्तार पूरे राज्य में कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने किसानों से ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों को अपनाने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को भी कृषि को आजीविका के एक टिकाऊ विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
पशुपालकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सीएम ने कहा कि ‘गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना’ और ‘मंगला पशुधन बीमा योजना’ जैसी योजनाएं पूरे राज्य के किसानों को लाभ पहुंचा रही हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत दूध संग्रह केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है और 5 रुपए प्रति लीटर की दर से सब्सिडी भी दी जा रही है। पशुओं के स्वास्थ्य देखभाल के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां भी तैनात की गई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए सीएम शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार पीएम-किसान सम्मान निधि, गेहूं खरीद पर बोनस और ‘पीएम फसल बीमा योजना’ जैसी पहलों के माध्यम से किसानों के कल्याण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार 23 से 25 मई तक ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट का आयोजन करेगी। ग्रामीणों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए ‘ग्राम विकास रथ’ अभियान इस समय पूरे राजस्थान का दौरा कर रहे हैं।
चौपाल के दौरान प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों ने अपने अनुभव साझा किए और किसानों पर केंद्रित योजनाओं को लागू करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

