N1Live Entertainment ‘मामला लीगल है-2’ के क्लाइमेक्स सीन पर फूट-फूटकर रोए रवि किशन, बताया- आने लगी पिता की याद
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‘मामला लीगल है-2’ के क्लाइमेक्स सीन पर फूट-फूटकर रोए रवि किशन, बताया- आने लगी पिता की याद

Ravi Kishan breaks down in tears during the climax scene of 'Maamla Legal Hai 2', says he remembers his father.

4 अप्रैल । एक्टर और राजनेता रवि किशन की मचअवेटेड सीरीज ‘मामला लीगल है-2’ शुक्रवार से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो चुकी है। वह सीरीज में मजेदार केस के साथ वीडी त्यागी जज बनकर सबको हंसाने के लिए आ रहे हैं।

‘मामला लीगल है-2’ से जुड़े खास सीन पर बात करते हुए अभिनेता ने आईएएनएस से बातचीत की है। उन्होंने आईएएनएस को बताया कि एक सीन में वह अपने पिता को याद करते हुए बहुत रोए थे।

उन्होंने बताया कि ‘मामला लीगल है-2’ में एक सीन फिल्माया गया, जिसमें मैं एक 22 साल के लड़के को फांसी की सजा दे देता हूं, यह जानते हुए भी कि वह निर्दोष है। उस दौरान मुझे मेरे चैंबर की छोटी सी वॉक भी 500 मीटर की लगती है और मैं अपने पिता को फोन करता हूं। इस सीन के दौरान मैंने सबको कैमरा ऑन करके जाने के लिए कह दिया था। मैं अकेले कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोया।

अभिनेता बताते हैं कि मैं बचपन से ही मस्तमौला बच्चा था और शिव को ही अपना सबकुछ माना। अपने पिता में मैं भगवान शिव को देखता था और उन्हें अपना आराध्य मानता था। 4 साल पहले मेरे पिताजी का निधन हुआ। किसी भी बेटे के लिए पिता का जाना छत चले जाने के बराबर है। उस दौरान मैं रोया, लेकिन मणिकर्णिका घाट पर जब उनका अंतिम संस्कार हो रहा था, तो मेरे बहुत सारे फैंस इकट्ठा हो गए। वो फोटो लेने लगे, चिल्लाने लगे, तब मेरे आंसू सूख गए थे। मैं खुलकर रो नहीं पाया था और यही कारण था कि इस सीन को फिल्माते वक्त मेरे अंदर जितने भी आंसू थे, मैंने सब बाहर निकाल दिए।

‘मामला लीगल है-2’ में रवि किशन जज बने हैं, अगर वे निरहुआ के लीगल एडवाइजर बनते तो उन्हें क्या सलाह देते। इस सवाल का जवाब देते हुए अभिनेता पहले तो हंसते हैं और कहते हैं कि निरहुआ से ज्यादा मनोज तिवारी के लीगल एडवाइजर बनना चाहते हैं। निरहुआ को यही लीगल एडवाइज देंगे कि वे खुद को गायकी में झोंक दें और भोजपुरी सिनेमा में पहले की तरह जुबली स्टार बन जाएं। अब दर्शक ‘धुरंधर-2’ और ‘पुष्पा-2’ जैसी फिल्मों की तरफ चले गए हैं, भोजपुरी को झटक किया है, उन दिनों को वापस ले आएं।

उन्होंने आगे कहा कि सभी भोजपुरी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को अपना पैसा, इगो और बंगले की ताकत को पीछे रखकर, अगर हो सके तो एक छत के नीचे आना चाहिए और भोजपुरी की उजड़ी फसल को दोबारा बसाने के लिए मिलकर काम करना होगा। वैसा ऐसा होने की संभावना बहुत कम है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो वैसे ही भोजपुरी पलातलोक पहुंच चुकी है। उसकी स्थिति खराब हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी से उनके मजाकिया रिश्ते पर किए गए सवाल का जवाब देते हुए अभिनेता ने कहा कि अगर मेरी वजह से उनके चेहरे पर मुस्कान आती है तो इससे ज्यादा गर्व की बात मेरे लिए कुछ नहीं है। सीएम योगी बहुत बड़े राज्य को संभाल रहे हैं और हमेशा राज्य के विकास के बारे में सोचते हैं और ऐसे में अगर वो मेरी बातों पर हंस देते हैं तो यह अच्छी बात है। मुझे तारीफ और निंदा से फर्क नहीं पड़ता है। मुझे भगवान शिव ने भेजा है, दूसरों को मुस्कुराहट देने के लिए। मैं अपनी परेशानियों का बोझ किसी दूसरे पर नहीं डालता हूं, लोगों को आज के रवि किशन को देखकर लगता है कि मेरे पास कितना कुछ है, लेकिन यहां पर पहुंचने के लिए कितना संघर्ष किया है, यह मैं ही जानता हूं, और आज जो कुछ हूं, वो अपने दर्शकों की वजह से हूं।

1992 से करियर की शुरुआत से लेकर आज ओटीटी आने तक आए बदलाव पर बात करते हुए रवि किशन ने कहा, “ओटीटी ने हमारे जैसे कलाकारों को जीवनदान दिया है। हमें पाताल लोक से निकालकर वापस पर्दे पर छाने का मौका मिला है। पहले हमारे पास सिर्फ दूरदर्शन था, फिर बाकी चैनल आए और अब ओटीटी। मैं, मनोज बाजपेयी, मनोज तिवारी, और मेरे साथ के बाकी कई कलाकार हैं जो ओटीटी की बदौलत छा गए हैं।” इसके साथ ही अभिनेता ने ‘मामला लीगल है-2’ देखने की फैंस से गुजारिश की है।

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