June 8, 2026
National

हैदराबाद मेट्रो विस्तार को लेकर केंद्र पर बरसे रेवंत रेड्डी, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी पर लगाए गंभीर आरोप

Revanth Reddy slammed the Centre over the Hyderabad Metro expansion and levelled serious allegations against Union Minister G. Kishan Reddy.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी पर आरोप लगाया कि वे हैदराबाद मेट्रो रेल विस्तार परियोजना को केंद्र की मंजूरी मिलने में बाधा पैदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि भाजपा में रहते हुए भी जी. किशन रेड्डी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के हितों के लिए काम कर रहे हैं।

हैदराबाद के उप्पल में 1,511 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से हैदराबाद मेट्रो विस्तार, रीजनल रिंग रोड (आरआरआर) और मूसी नदी पुनर्जीवन परियोजना को मंजूरी देने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने किसानों से बचा हुआ धान और मक्का खरीदने की भी अपील की।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जी. किशन रेड्डी दिन में भाजपा के नेता के रूप में काम करते हैं, लेकिन रात में बीआरएस नेता केटी रामाराव (केटीआर) और उनकी पार्टी के हितों को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनकी मुलाकात न होने के पीछे भी जी. किशन रेड्डी की भूमिका थी।

रेवंत रेड्डी ने कहा कि वे महाराष्ट्र सरकार के साथ प्रस्तावित तुम्मिडीहट्टी बैराज परियोजना पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन जी. किशन रेड्डी ने सीएम फडणवीस को उनसे मुलाकात न करने की सलाह दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रीजनल रिंग रोड तेलंगाना को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में वे इस परियोजना को लेकर करीब 50 बार दिल्ली गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हैदराबाद के लोगों ने जी. किशन रेड्डी को वोट नहीं दिया और क्या मेट्रो विस्तार तथा मूसी परियोजना के लिए केंद्र से मंजूरी और फंड दिलाना उनकी जिम्मेदारी नहीं है?

रेवंत रेड्डी ने बताया कि राज्य सरकार अब तक 70 लाख मीट्रिक टन अनाज खरीद चुकी है, जबकि शेष 25 लाख मीट्रिक टन की खरीद केंद्र सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या किसानों के हितों की रक्षा करना केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है?

मूसी रिवरफ्रंट परियोजना का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में साबरमती, उत्तर प्रदेश में गंगा और दिल्ली में यमुना नदी के किनारे विकास कार्य किए गए हैं, तो फिर मूसी नदी का विकास क्यों नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांडीपेट से गोवरेली तक 55 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिवरफ्रंट विकसित होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी मूसी परियोजना में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि कुछ लोग उन परिवारों को आवास और शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों में भी रुकावट पैदा कर रहे हैं, जो नदी किनारे अपने घर खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि 15 जून के बाद लंबित परियोजनाओं को लेकर सरकार विस्तृत कार्ययोजना की घोषणा करेगी।

Leave feedback about this

  • Service