October 13, 2026
National

विशाखापत्तनम में आरआईएनएल की जमीनों की ई-नीलामी को मिली शानदार प्रतिक्रिया, पहले दिन सरकार ने जुटाए 366 करोड़ रुपए

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने मंगलवार को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) यानी विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की 150 जमीनों की सफल ई-नीलामी की। वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इन प्लॉट्स की कुल बोली राशि 366.33 करोड़ रुपए रही, जबकि इनके लिए निर्धारित कुल रिजर्व प्राइस 312.48 करोड़ रुपए था।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि सफल बोलियों में रिजर्व प्राइस के मुकाबले औसतन 17.23 प्रतिशत का प्रीमियम मिला, जो बाजार की मजबूत भागीदारी और संपत्तियों के प्रति निवेशकों की रुचि को दर्शाता है।

ई-नीलामी में जमीनों की कीमतों का अच्छा निर्धारण भी देखने को मिला। सबसे ऊंची बोली 1.80 लाख रुपए प्रति वर्ग गज से अधिक रही। मंत्रालय के अनुसार, इससे विशाखापत्तनम में बेहतर स्थानों पर मौजूद भूमि पार्सलों की मजबूत मांग का पता चलता है। साथ ही यह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी ई-नीलामी प्रक्रिया के जरिए सार्वजनिक परिसंपत्तियों की आर्थिक क्षमता को सामने लाने की संभावना को भी रेखांकित करता है।

पहले दिन की सफलता के बाद ई-नीलामी का दूसरा और अंतिम चरण संभावित खरीदारों को एक और अवसर देगा। इस चरण में शेष 216 भूमि पार्सलों की नीलामी की जाएगी, जिसे पुनर्निर्धारित करते हुए अब 30 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

मंत्रालय ने कहा कि यह मौजूदा नीलामी का अंतिम चरण होगा, इसलिए इच्छुक खरीदार उपलब्ध प्लॉट्स का अध्ययन कर निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण पूरा कर लें। पहले चरण के परिणाम बाजार की भागीदारी और कीमतों के रुझान का संकेत देते हैं, जिससे संभावित बोलीदाताओं को निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

इच्छुक बोलीदाताओं को 27 अक्टूबर तक पंजीकरण कराना होगा। उपलब्ध प्लॉट्स, रिजर्व प्राइस, पात्रता शर्तों और भागीदारी संबंधी जानकारी आधिकारिक ई-नीलामी पोर्टल पर उपलब्ध है।

आरआईएनएल भूमि ई-नीलामी का पहला चरण एनएलएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि यह निगम की पहली पूर्ण रूप से संचालित एंड-टू-एंड ई-नीलामी है। मंत्रालय के अनुसार, यह सार्वजनिक परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए एक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित प्रक्रिया को दर्शाता है।

यह नीलामी एनएलएमसी और आरआईएनएल के समन्वय से आयोजित की जा रही है। वहीं क्विकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (क्यूआईपीएल) लेनदेन सलाहकार की भूमिका निभा रही है और ऑनलाइन बोली प्रक्रिया रेलटेल के ई-निविदा प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जा रही है।

यह ई-नीलामी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) और अन्य सरकारी संस्थाओं के पास मौजूद अतिरिक्त भूमि परिसंपत्तियों के उत्पादक उपयोग के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। एनएलएमसी बाजार आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत ऐसी संपत्तियों को बाजार में लाकर खरीदारों की भागीदारी और उचित मूल्य निर्धारण को बढ़ावा दे रही है।

नीलामी से पहले सितंबर के दौरान एनएलएमसी और आरआईएनएल ने विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और हैदराबाद में निवेशक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए थे। इन बैठकों में संभावित खरीदारों को संपत्तियों की जानकारी दी गई, उनकी शंकाओं का समाधान किया गया और उन्हें भागीदारी प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

इन कार्यक्रमों में पंजीकरण, दस्तावेजों, अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (ईएमडी) और ऑनलाइन बोली प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब भी दिया गया। मंत्रालय के अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक बोलीदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना था।

बयान में कहा गया है कि आरआईएनएल भूमि ई-नीलामी के पहले दिन की सफलता एनएलएमसी के पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी सार्वजनिक परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रयासों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नीलामी को मिली प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि सुव्यवस्थित बाजार प्रक्रिया निवेशकों को आकर्षित करने और सरकारी परिसंपत्तियों के बेहतर मूल्य सृजन में मददगार साबित हो सकती है।

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