जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में गंभीर रूप से घायल हुई 21 वर्षीय युवती की हालत अब स्थिर है। यह जानकारी बुधवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) ने अपने हेल्थ बुलेटिन में दी है।
हेल्थ बुलेटिन में बताया गया कि विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी घटना में गंभीर रूप से घायल हुई 21 साल की युवती का इलाज नई दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) हॉस्पिटल में चल रहा है, उनकी हालत में अच्छा सुधार देखा गया है। उन्हें सफलतापूर्वक एक्सट्यूबेट (वेंटिलेटर से हटाना) कर दिया गया है और अब वह खुद से सांस ले रही हैं। वह होश में हैं और निर्देशों का सही जवाब दे रही हैं। उनके दिमाग और रीढ़ की हड्डी का एमआरआई नॉर्मल है।
इलाज शुरू होने के बाद से ही उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है और इलाज करने वाली टीम की कड़ी निगरानी में उन्हें पूरी मेडिकल देखभाल मिल रही है। फिलहाल, इस घटना के सिलसिले में आरएमएल हॉस्पिटल में भर्ती वह अकेली मरीज हैं। उन्हें जरूरी इलाज और लगातार मॉनिटरिंग की सुविधा दी जा रही है।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने संसद तक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में ये एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पुलिस के अनुसार, सीजेपी प्रदर्शन से जुड़े मामलों में संसद मार्ग थाने में चार एफआईआर और सीपी थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कट पथ थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें से एक एफआईआर नई दिल्ली क्षेत्र में, जो एक हाई-सिक्योरिटी जोन है, संसद सत्र के दौरान बिना मंजूरी के ड्रोन उड़ाने से जुड़ी है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरएएफ जवान पर हुए हमले के मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है। वायरल वीडियो में कुछ लोग आरएएफ जवान को पीटते नजर आए।

