मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज आश्वासन दिया कि सरकार पूर्व भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई सहारा योजना को जारी रखेगी तथा पात्र व्यक्तियों को योजना के तहत लंबित पेंशन का भुगतान करेगी।
इस योजना के तहत गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को 3,000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह योजना कुछ संशोधनों के साथ जारी रहेगी। पेंशन के लिए पात्र व्यक्ति को सीएमओ द्वारा दिया गया सत्यापन प्रमाण पत्र देना होगा।”
इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत राज्य में 33,181 पात्र व्यक्तियों को पेंशन दी गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 1,100 मामले लंबित हैं, जिन्हें जल्द ही निपटा दिया जाएगा।
सतपाल सत्ती और रणधीर शर्मा के संयुक्त प्रश्न पर शांडिल ने कहा कि लंबित मामलों की मुख्य वजह यह है कि लोगों ने आवश्यक दस्तावेज अपलोड नहीं किए हैं। उन्होंने कहा, “दस्तावेज अपलोड होते ही लंबित मामलों का निपटारा कर दिया जाएगा।”
विधायक जनक राज के पूरक प्रश्न पर हस्तक्षेप करते हुए सुखू ने कहा कि उनकी सरकार सहारा योजना को जारी रखेगी। “हमें लाभार्थियों की संख्या में कुछ असमानता दिखी है। कुछ जिलों में लाभार्थियों की संख्या अधिक है जबकि अन्य जिलों में तुलनात्मक रूप से कम है। हम असमानता के कारणों की जांच करेंगे। सभी लंबित पेंशनों का जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा,” सीएम ने कहा।
विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से इस योजना को मानवीय दृष्टिकोण से देखने का आग्रह किया क्योंकि पेंशन पाने वाले लोग गंभीर रूप से बीमार हैं और उनमें से अधिकांश बिस्तर पर हैं और पूरी तरह से अपने परिवारों पर निर्भर हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि यह योजना उसी भावना के साथ जारी रहेगी जिस तरह से इसे शुरू किया गया था।
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