4 फरवरी । संसद सत्र के दौरान विपक्ष लगातार भाजपा पर हमलावर दिख रहा है। इसके साथ ही संसद में विरोध-प्रदर्शन कर रहा है। बुधवार को कांग्रेस सांसदों ने संसद की सीढ़ियों पर पोस्टर लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा संसद में चर्चा नहीं करना चाहती है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “भाजपा की कोशिश रहती है कि चर्चा ना हो। ये हम लोगों ने देखा कि जिस समय चीन के सवाल पर विपक्ष के नेता और अन्य दल जानकारी हासिल करना चाहते थे, भाजपा पीछे हट गई है। इस बात को हम कई बार दोहराते हैं कि चीन के साथ हमारे संबंध कैसे हों, उस पर हमेशा विचार करके फैसले लेने चाहिए। हमने बहुत सारी जमीन खोई है, पहले भी खोई है और बाद में फिर हमने जमीन खो दी। फौज के लोग क्या कहते हैं, वो पक्ष आए और देश की जनता जाने।”
एसआईआर को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, “जो एसआईआर चल रहा है, चिंता इस बात की है कि भाजपा इसमें शामिल है और वो जिसका वोट कटवाना चाहते हैं, वो कटवाते हैं। जिसका वोट वो जुड़वाना चाहते हैं, वो जुड़वाते हैं। अगर हम कोई शिकायत करना चाहते हैं तो चुनाव आयोग उसको नजरअंदाज कर रहा है। चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और उनकी जिम्मेदारी है कि वोट ज्यादा से ज्यादा बनें। चुनाव आयोग के लोगों का जिस तरह का व्यवहार है, उससे ऐसा लगता है कि वो भाजपा के लिए काम कर रहे हैं।”
सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “मैं कई प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल देख चुका हूं। इससे ज्यादा भाजपा और कांग्रेस ने पूरे सत्र को नहीं चलने दिया। मैं उसका चश्मदीद गवाह हूं, लेकिन कभी ये नौबत नहीं आई कि लोग सस्पेंड हों। इससे पहले राज्यसभा में पूरा विपक्ष सस्पेंड हो गया। जो कुछ लिखा है वो सोशल मीडिया पर है, तो यहां पढ़ने में क्या दिक्कत है? क्या है जो छिपाया जा रहा है? ये लोग क्यों घबरा रहे हैं?”
उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी विषय पर जवाब नहीं देना चाहती है, इसीलिए सदन में शोर करने लगती है और संसद की कार्यवाही स्थगित करा देती है। हम लोग सिर्फ सरकार से जवाब मांग रहे हैं, सरकार को जवाब देना पड़ेगा।


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