समाजवादी पार्टी की कोर कमेटी की बैठक को लेकर सपा नेता एसटी हसन और रविदास मेहरोत्रा की प्रतिक्रिया सामने आई है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए सपा नेता एसटी हसन ने कहा, “तीसरे उम्मीदवार को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जो फैसला लेंगे, वही मान्य होगा। इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।” मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी के बयान पर उन्होंने कहा कि उनको ये नहीं दिख रहा है कि एनडीए में हमने सेंध लगा दी है।
सपा की ओर से स्वतंत्रता सेनानी रक्षक के सवाल पर एसटी हसन ने कहा, “जो जेल गए थे, हम सभी उनका सम्मान करते हैं। उन लोगों का सम्मान करना परेशानी नहीं है। आपातकाल इस देश के लिए नासूर था।”
एनआरसी को लेकर एसटी हसन ने कहा, “समाजवादी पार्टी एनआरसी के खिलाफ है। एनआरसी के जरिए वही होगा, जो एसआईआर में दिखा। एनआरसी इस देश के लिए बहुत खतरनाक चीज होगी।” मुसलमानों को लेकर रामदेव के बयान पर एसटी हसन ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि इस तरह के बयान बार-बार क्यों दिए जाते हैं?
समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा, “वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लगाया गया था। आपातकाल में लोकतंत्र की हत्या का काम किया गया था। इस दौरान जनता के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। हम लोगों ने 29 वर्ष संघर्ष किया। आपातकाल बंदियों को लोकतंत्र सेनानी माना गया। आज समाजवादी पार्टी के कार्यालय में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान समारोह है। भाजपा की सरकार में संविधान और लोकतंत्र की हत्या कर दी गई है।”
राज्यसभा चुनाव के लिए तीसरे प्रत्याशी के घोषणा को लेकर रविदास मेहरोत्रा ने कहा, “सपा के तीसरे प्रत्याशी के नाम की घोषणा होनी बाकी है। सपा लगातार पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के लोगों को उनका हक अधिकार, न्याय और सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष का काम कर रही है। अभी सपा ने विधान परिषद में मुस्लिम को नेता विपक्ष बनाया है।

