N1Live Uttar Pradesh संभल : जफर अली की रिहाई के मांग को लेकर वकीलों का प्रदर्शन
Uttar Pradesh

संभल : जफर अली की रिहाई के मांग को लेकर वकीलों का प्रदर्शन

Sambhal: Lawyers protest demanding the release of Zafar Ali

संभल, 3 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद कमेटी सदर जफर अली एडवोकेट की गिरफ्तारी को लेकर शहर के अधिवक्ताओं में रोष है। मंगलवार को अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ मार्च निकाला। साथ ही पुलिस पर गलत तरीके से कार्रवाई किए जाने का आरोप भी लगाया। वकीलों ने एक सुर में कहा कि जब तक जफर बाहर नहीं आते, तब तक प्रदर्शन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता मोहम्मद इस्लाम ने बताया कि जफर अली के भाइयों के खिलाफ 135 और 126 बिना नोटिस दिए ही कार्रवाई कर दी गई है। उनके खिलाफ यह प्रदर्शन है। उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करने की क्या आवश्यकता है? कचहरी परिसर से स्कूल तक फिर अब कचहरी परिसर में प्रदर्शन किया गया है।

वहीं प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता शकील अहमद ने बताया कि हमारे सीनियर अधिवक्ता जफर अली को पुलिस ने गलत तरीके से गिरफ्तार करके जेल भेजा है। उनके खिलाफ अधिवक्ताओं में रोष है। उन्होंने कहा कि हमारी बार काउंसिल के सदस्यों ने निर्णय लिया है कि जब तक जफर जेल के अंदर रहेंगे, तब तक बार का अधिवक्ता न्यायालय के अंदर नहीं जाएगा। कार्य का बहिष्कार रखा जाएगा। जिस दिन जफर बाहर आएंगे, उसी दिन से कामकाज शुरू होगा, तब तक हमारी कलमबंद हड़ताल और कामकाज बंद रहेगा।

उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि यह प्रदर्शन कितने दिन चलेगा। लेकिन जब तक जफर बाहर नहीं आ जाते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वकील शकील ने कहा कि प्रशासन ने जफर को तो पहले ही गलत तरीके से जेल भेजा है। आज उनके भाइयों और भतीजों के खिलाफ नोटिस देकर पाबंद किया गया है। ऐसा लगता है कि जफर के पूरे परिवार को प्रताड़ित करने का प्रशासन का इरादा है।

उन्होंने जफर को रिहा करने की मांग की और कहा कि उनके परिवार के खिलाफ कुछ नहीं होना चाहिए। जफर की गिरफ्तारी के खिलाफ ज्यादातर जिलों में हड़ताल चल रही है। अभी बार काउंसिल का आदेश आने के बाद पूरे यूपी में जबरदस्त हड़ताल चलेगी।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद कमेटी सदर को 24 नवंबर के बवाल में साजिश रचने समेत कई आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय से जेल भेज दिया गया है। इसको लेकर ही अधिवक्ताओं ने रोष जताया है। लगातार वे हड़ताल कर रहे हैं।

Exit mobile version