N1Live National संजय उपाध्याय ने सीएम नायडू की अपील का किया समर्थन, डेमोग्राफी बदलाव पर जताई चिंता
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संजय उपाध्याय ने सीएम नायडू की अपील का किया समर्थन, डेमोग्राफी बदलाव पर जताई चिंता

Sanjay Upadhyay supported CM Naidu's appeal and expressed concern over demographic change.

महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने रविवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा तीसरे और चौथे बच्चे के होने पर आर्थिक सहायता देने की अपील का पूर्ण समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को जनसंख्या असंतुलन को रोकने के लिए अधिक बच्चे पैदा करने चाहिए।

विधायक संजय उपाध्याय ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “हम चाहते हैं कि हिंदू अधिक बच्चे पैदा करें। अगर जनसंख्या असंतुलन बना रहा और मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ती रही तो देश की डेमोग्राफी बदल जाएगी, जिसका असर देश की सुरक्षा और स्वभाव पर पड़ेगा।”उन्होंने आगे कहा, “हम सरकार की अपील ‘हम दो, हमारे दो’ मानते हैं, वहीं दूसरी तरफ ‘चार और हमारे चालीस’ की बात होती है। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा तीसरे बच्चे पर 30 हजार और चौथे पर 40 हजार रुपए देने की मुहिम स्वागतयोग्य है।”

नीट पेपर लीक विवाद पर संजय उपाध्याय ने कहा, “पेपर लीक होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन नीट और एनटीए ने मेडिकल प्रवेश में पहले जो धांधली और भ्रष्टाचार होता था, उसे काफी हद तक समाप्त किया है। कुछ लोग इस प्रक्रिया को खत्म करवाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें भ्रष्टाचार का लाभ नहीं मिल पा रहा है।”

उन्होंने मांग की कि नीट की प्रक्रिया और अधिक सख्त होना चाहिए, साथ ही बच्चों के लिए सहज भी होना चाहिए। जो अपराधी इसमें शामिल हैं, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के पाकिस्तान संबंधी बयान पर संजय उपाध्याय ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “सभी भारतवासियों को अपनी सेना पर गर्व है। सेना प्रमुख का बयान हर भारतीय का सीना चौड़ा करने वाला है। यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि भारतीय सेना के सामर्थ्य और पुरुषार्थ का प्रतीक है।”

विधायक ने भोजशाला मामले में कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह निर्णय ऐतिहासिक महत्व का है। संजय उपाध्याय ने जोर देकर कहा कि जनसंख्या नीति को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि वे सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी समझते हुए अधिक बच्चे पैदा करें और उन्हें अच्छी शिक्षा व संस्कार दें।

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