अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को सरस्वती तीर्थ में श्लोकों के उच्चारण के बीच आयोजित सारस मेले के साथ हुआ। महोत्सव का समापन 25 जनवरी को होगा।
उद्घाटन दिवस पर हरियाणा राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बोर्ड के अध्यक्ष अमरपाल राणा ने कहा कि पेहोवा में इतने बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरस्वती विरासत विकास बोर्ड ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की तर्ज पर इस महोत्सव को मनाने की परिकल्पना की थी और इसके प्रयास प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रहे हैं।
राणा ने कहा कि पेहोवा का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है, जहां हर साल देश भर से लाखों श्रद्धालु अपने परिवार के सदस्यों के लिए मृत्यु के बाद की रस्में निभाने और अपने पूर्वजों को प्रार्थना अर्पित करने के लिए आते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव और सरस मेले जैसे आयोजनों ने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान स्थापित करने में मदद की, साथ ही लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक मंच भी प्रदान किया।
उद्घाटन दिवस पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और विभिन्न विद्यालयों के छात्रों द्वारा प्रस्तुतियां शामिल थीं।


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