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कर्नाटक में सीएलपी बैठक से पहले उछला सतीश जारकीहोली का नाम, समर्थकों ने मांगी बड़ी जिम्मेदारी

Satish Jarkiholi's name cropped up ahead of Karnataka CLP meeting, supporters demanded a bigger responsibility.

30 मई । कर्नाटक में डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावनाओं के बीच कांग्रेस नेता सतीश जारकीहोली का नाम भी तेजी से उछला है। समर्थकों ने मांग की है कि सतीश जारकीहोली को उपमुख्यमंत्री और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारियां सौंपी जानी चाहिए।

सतीश जारकीहोली के एक समर्थक ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “आप कर्नाटक में कहीं भी चले जाएं, लोगों का मानना ​​है कि सतीश जारकीहोली को एक बड़ी भूमिका दी जानी चाहिए। इसकी एक वजह है। वह एक जननेता हैं और उन्होंने पार्टी के लिए अथक परिश्रम किया है। हमारी मांग है कि सतीश जारकीहोली को भी वही पद दिया जाए जो डीके शिवकुमार को मिला। यह हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग है। सतीश जारकीहोली को पूरे कर्नाटक में जाना जाता है। चुनावों में जहां भी जारकीहोली की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्हें उसे अच्छे से निभाया।”

वहीं, इस सवाल पर कि क्या उन्हें राज्य कांग्रेस इकाई की कमान सौंपी जाएगी, कांग्रेस नेता सतीश जारकीहोली ने कहा, “अभी तक यह तय नहीं हुआ है। इस पर अभी भी चर्चा चल रही है।”

फिलहाल, बेंगलुरु में सरकार के गठन को लेकर फिलहाल हलचल तेज है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल बेंगलुरु पहुंच चुके हैं, जिनकी मौजूदगी में कर्नाटक कांग्रेस विधानमंडल पार्टी (सीएलपी) के नेता का चयन किया जाएगा।

सीएलपी की बैठक के बारे में कांग्रेस नेता सतीश जारकीहोली ने बताया, “डीके शिवकुमार को सीएलपी नेता चुना जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह होगा।”

कांग्रेस विधायक यासिर अहमद खान पठान ने कहा, “सीएलपी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें हमारे नेता का चुनाव होगा। डीके शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री चुना जाएगा। रणदीप सुरजेवाला, सिद्धारमैया और सभी लोग मौजूद रहेंगे। आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है।”

विधायक एमसी सुधाकर ने कहा, “यह बस एक औपचारिकता है। यह पहले से ही साफ है कि इस पद के लिए कोई और दावेदार नहीं है। केवल एक ही दावेदार है और यह बहुत साफ है। सिद्धारमैया ने खुद उनके (डीके शिवकुमार) नाम का प्रस्ताव रखा है। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक औपचारिकता है, जहां एक लाइन का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।”

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