N1Live Entertainment ‘सत्याग्रह’ के 13 साल पूरे, अमृता राव ने अमिताभ बच्चन संग काम करने को बताया सबसे खूबसूरत याद
Entertainment

‘सत्याग्रह’ के 13 साल पूरे, अमृता राव ने अमिताभ बच्चन संग काम करने को बताया सबसे खूबसूरत याद

'Satyagraha' completes 13 years; Amrita Rao calls working with Amitabh Bachchan her most beautiful memory.

अभिनेत्री अमृता राव ने अपनी चर्चित फिल्म ‘सत्याग्रह’ के 13 साल पूरे होने पर इससे जुड़ी पुरानी यादों को ताजा किया है। 30 अगस्त 2013 को रिलीज हुई इस फिल्म में अमृता को अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, करीना कपूर खान, अर्जुन रामपाल और मनोज बाजपेयी जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला था।

फिल्म के 13 साल पूरे होने के मौके पर अमृता ने सोशल मीडिया पर इसके कुछ यादगार सीन शेयर किए और बताया कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी उनकी सबसे खास यादें महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करने की हैं।

अमृता राव ने इंस्टाग्राम पर ‘सत्याग्रह’ के कुछ सीन्स को जोड़कर एक वीडियो मॉन्टाज शेयर किया, जिसमें फिल्म के कई यादगार पलों की झलक देखने को मिली। अभिनेत्री ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ”आज ‘सत्याग्रह’ को रिलीज हुए 13 साल हो गए हैं… खूबसूरत यादें। सबसे खूबसूरत यादें अमिताभ बच्चन के साथ काम करने की हैं।”

प्रकाश झा के निर्देशन में बनी ‘सत्याग्रह’ एक राजनीतिक ड्रामा फिल्म थी, जिसकी स्टोरी भ्रष्टाचार, विरोध और बलिदान जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़ी थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने रिटायर्ड शिक्षक द्वारका आनंद का किरदार निभाया था, जो अपने बेटे की मौत के बाद भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाता है।

फिल्म की स्टोरी में द्वारका आनंद के बेटे की एक साजिश में मौत हो जाती है। इसके बाद वह सिस्टम के खिलाफ खड़े होते हैं और उनका संघर्ष धीरे-धीरे एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेता है। इस आंदोलन में अजय देवगन का किरदार मानव, करीना कपूर खान की पत्रकार यास्मिन और अर्जुन रामपाल का सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन सिंह अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं, मनोज बाजपेयी ने भ्रष्ट मंत्री बलराम सिंह का किरदार निभाया था। अमृता राव भी फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं।

‘सत्याग्रह’ को प्रकाश झा प्रोडक्शंस और यूटीवी मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाया गया था। फिल्म को प्रकाश झा, रॉनी स्क्रूवाला, और सिद्धार्थ रॉय कपूर ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म देशभर में 30 अगस्त 2013 को रिलीज हुई थी, जबकि यूएई में इसे एक दिन पहले रिलीज किया गया था। फिल्म के लेखन की जिम्मेदारी प्रकाश झा और अंजुम राजाबली ने संभाली थी। सचिन के. कृष्ण ने सिनेमैटोग्राफी की थी, जबकि संतोष मंडल फिल्म के एडिटर थे।

Exit mobile version