26 मार्च । मणिपुर में गुरुवार को बिष्णुपुर जिले में संदिग्ध सशस्त्र कुकी उग्रवादियों ने फौलजंग और गोथोल क्षेत्रों में भारतीय सेना की एक चौकी को निशाना बनाते हुए गोलीबारी की। इसके बाद सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के खिलाफ अपने संयुक्त अभियान को जारी रखा है।
इम्फाल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उग्रवादियों ने फौलजंग और गोथोल क्षेत्रों में गोलीबारी की और उनका निशाना फौगाकचाओ अवांग लैकाई में स्थित भारतीय सेना की एक चौकी थी। उन्होंने कहा, “क्षेत्र में तैनात भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (58वीं बटालियन) ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलीबारी की, जिसके चलते बुधवार देर रात लगभग 30 मिनट तक मुठभेड़ चली।”
अधिकारी ने बताया कि गुरुवार तड़के से ही भारतीय सेना, सीआरपीएफ, मणिपुर पुलिस और मणिपुर आर्म्ड फोर्स (इंडियन रिजर्व बटालियन) ने उस क्षेत्र और आसपास के पहाड़ी इलाकों में संयुक्त अभियान शुरू कर दिया, जहां गोलीबारी हुई थी।
उन्होंने कहा, “स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा बल आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में अभियान जारी रखेंगे।”
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से अफवाहें फैलाने से बचने और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करने की अपील की है।
एक अन्य घटनाक्रम में, बुधवार से जारी अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने उखरुल जिले के लिटान और मोंगकट चेपू अपर गांव क्षेत्रों में अवैध रूप से बनाए गए छह बंकरों को ध्वस्त कर दिया।
अभियान के बाद, हिंसा प्रभावित लिटान क्षेत्र में अधिकांश बंकर निष्क्रिय कर दिए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की हिंसा बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बलहाई अलर्ट पर हैं और रणनीतिक रूप से तैनाती की गई है।
इस बीच, सुरक्षा बलों ने इम्फाल पश्चिम जिले के पत्सोई इलाके से यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार उग्रवादी की पहचान असेम सुभाष मेइती उर्फ लिंगजेलखोम्बा (30) के रूप में हुई है। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
एक अन्य बड़े अभियान में, सुरक्षा बलों ने रविवार (22 मार्च) को थोउबल जिले के हाओखोंग इलाके से यूएनएलएफ (कोइरेंग गुट) के 14 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से बड़ी मात्रा में सामान बरामद हुआ, जिसमें दो इंसास राइफल, विभिन्न हथियारों की 13 मैगजीन, इंसास की 100 गोलियां, एक लाख रुपए नकद, 12 मोबाइल फोन, पांच हेलमेट, पांच बैकपैक और चार वाहन शामिल हैं।
केंद्रीय और राज्य बलों के संयुक्त दल पूरे राज्य में उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहे हैं। कई जिलों के संवेदनशील, मिश्रित आबादी वाले और सीमावर्ती क्षेत्रों में तलाशी अभियान और क्षेत्र नियंत्रण अभियान जारी हैं।
पूरे मणिपुर में घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल 113 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं ताकि संदिग्ध लोगों और वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके।
इसके अलावा, इम्फाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-37) पर आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले ट्रकों सहित वाहनों को सुरक्षा एस्कॉर्ट प्रदान किया जा रहा है।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम और काफिला सुरक्षा उपाय लागू हैं। मणिपुर पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी वीडियो से गुमराह न हों।

