3 अप्रैल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले पूरे चेन्नई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री शुक्रवार शाम को शहर पहुंचने वाले हैं। यह उनकी दो-दिवसीय चुनावी यात्रा का हिस्सा है, जिसमें वे तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल का दौरा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शहर भर के अहम स्थानों पर लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। निगरानी बढ़ा दी गई है और अधिकारियों ने गिंडी व मीनांबक्कम जैसे संवेदनशील इलाकों में ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस यात्रा से जुड़े कई स्थानों पर ट्रैफिक, भीड़ की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख कर रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी एक विशेष विमान से चेन्नई पहुंचेंगे और उसके तुरंत बाद हेलीकॉप्टर से पुडुचेरी के लिए रवाना हो जाएंगे। वहां वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवारों के समर्थन में एक बड़े रोड शो में हिस्सा लेंगे। इस रोड शो के दौरान अजंता सिग्नल जंक्शन, अन्ना सलाई और अन्ना थिदल जैसे प्रमुख स्थानों से गुजरने की उम्मीद है। रोड शो के दौरान इस पूरे रास्ते पर भारी भीड़ जुटने का अनुमान है।
इस कार्यक्रम का मकसद विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र शासित प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरना और मतदाताओं का समर्थन मजबूत करना है। पुडुचेरी में अपने कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री मोदी शाम को चेन्नई लौट आएंगे। वे गिंडी स्थित एक ‘स्टार’ होटल में रात बिताएंगे, जहां वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर अहम बैठकें करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इन चर्चाओं का मुख्य एजेंडा चुनावी अभियान की प्रगति की समीक्षा करना और कुछ लंबित फैसलों को अंतिम रूप देना होगा, जिसमें तमिलनाडु में भाजपा के बाकी बचे उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भी शामिल है। इन बैठकों को चुनावी अभियान के अंतिम चरण में राज्य के भीतर एनडीए की चुनावी रणनीति को आकार देने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी अपने चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए केरल जाएंगे। वहां वे जनसभाओं को संबोधित करेंगे और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। एनडीए इस क्षेत्र में अपनी पैठ और मजबूत करने की कोशिश में जुटा है।
राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा पर सबकी पैनी नजर है। पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी से दक्षिणी राज्यों में एनडीए की चुनावी संभावनाओं को काफी बल मिलेगा।

