तमिलनाडु सरकार ने राज्य में नए औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय गुरुवार रात को लंदन के लिए रवाना होंगे। यह टीवीके सरकार के सत्ता में आने के बाद उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा होगी। मुख्यमंत्री विजय रात 10 बजे चेन्नई से रवाना होकर दुबई होते हुए लंदन जाएंगे। वे 16 सितंबर तक यूनाइटेड किंगडम में रहेंगे और 17 सितंबर को सुबह 8 बजे दुबई होते हुए चेन्नई लौटेंगे।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस यात्रा के दौरान निवेशकों और प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा। मुख्यमंत्री विजय लंदन में आयोजित होने वाले एक निवेशक सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जहां उनसे तमिलनाडु को विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और अन्य उभरते उद्योगों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने की उम्मीद है।
राज्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम की व्यवस्था करने के लिए पहले ही लंदन के लिए रवाना हो चुके हैं। लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन ब्रिटिश राजधानी पहुंच चुके हैं, जबकि उद्योग मंत्री कीर्तना के भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने की उम्मीद है। राज्य विधानसभा के बजट सत्र के समापन के तुरंत बाद मुख्यमंत्री का यह विदेश दौरा हो रहा है। अधिकारी मुख्यमंत्री के यात्रा कार्यक्रम और चेन्नई हवाई अड्डे पर व्यवस्थाओं को लेकर काम में जुटे हुए हैं।
तमिलनाडु सरकार ने 2036 तक तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। सत्ता में आने के बाद से ही घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करना उसकी आर्थिक रणनीति का एक अहम हिस्सा रहा है। इसी दिशा में प्रयास करते हुए कीर्तना ने हाल ही में दक्षिण कोरिया का दौरा किया और एक ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनी सहित कई कंपनियों के साथ बातचीत की। सरकार के मुताबिक, इस दौरे के परिणामस्वरूप निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए।
इसके बाद 13 अगस्त को चेन्नई में वैश्विक निवेशकों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसके दौरान कई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। सरकार ने दावा किया है कि सत्ता में आने के पहले 110 दिनों के भीतर ही उसने 104 कंपनियों के साथ समझौते किए हैं, जिनमें 1,02,514 करोड़ के प्रस्तावित निवेश और 1,21,788 नौकरियों के संभावित सृजन शामिल हैं।
तमिलनाडु में निवेश को बढ़ावा देने का यह नया प्रयास आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच आया है, जो बड़े औद्योगिक परियोजनाओं की तलाश में हैं। इसलिए सरकार अंतरराष्ट्रीय व्यवसायों से अपना संपर्क मजबूत करने और नए निवेशों में अधिक हिस्सेदारी हासिल करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री विजय के लंदन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निवेशकों की रुचि को ठोस प्रतिबद्धताओं में बदलना और राज्य के बुनियादी ढांचे, कुशल कार्यबल और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित करना है।

