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लद्दाख के जोजिला दर्रे पर भीषण हिमस्खलन हादसे में अब तक सात की मौत, प्रशासन ने अनुग्रह राशि की घोषणा की

Seven people have died so far in the massive avalanche accident at Zojila Pass in Ladakh, the administration has announced ex-gratia amount.

28 मार्च । लद्दाख के जोजिला दर्रे पर शुक्रवार को हुए भीषण हिमस्खलन हादसे में अब तक ,ीच लोगों की मौत हो गई। शनिवार को लद्दाख के प्रशासन ने हादसे में पीड़ित परिवारों को अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक भावुक पोस्ट में जोजिला दर्रे के पास हुए हिमस्खलन में सात लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा, “कल जोजिला दर्रे के पास हिमस्खलन में सात लोगों की दुखद मृत्यु से मैं अत्यंत दुखी हूं। यूटी प्रशासन मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि प्रदान करेगा। मैंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे शोक संतप्त परिवारों और घायलों को हर संभव सहायता प्रदान करें।”

यह हादसा शुक्रवार को दोपहर के समय श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर जोजिला पास के जीरो पॉइंट या डायल स्लाइड क्षेत्र के पास हुआ। तेज धूप के कारण बर्फ की परत ढहने से हिमस्खलन आया, जिसमें यात्री वाहनों का काफिला फंस गया। हादसे में तीन से चार वाहन पूरी तरह बर्फ के नीचे दब गए, जबकि कुल 15 से अधिक वाहन प्रभावित हुए। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई और अन्य कई घायल हो गए।

जोजिला पास कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ने वाला रणनीतिक महत्व का राजमार्ग है, जो सर्दियों में आमतौर पर बंद रहता है और हाल ही में खुला था। हिमस्खलन के कारण राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ), आपदा प्रबंधन बल और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।

434 किलोमीटर लंबा श्रीनगर-लेह हाईवे सामरिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। खराब मौसम और बर्फबारी के चलते यहां अक्सर आवागमन प्रभावित होता रहता है।

इसी चुनौती से निपटने के लिए जोजिला दर्रे के नीचे एक टनल का निर्माण किया जा रहा है। यह टनल जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग को लद्दाख के द्रास से जोड़ेगी। लगभग 14.2 किलोमीटर लंबी यह सुरंग बनने के बाद हर मौसम में सुरक्षित आवाजाही संभव हो सकेगी।

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