April 4, 2025
National

वक्फ संशोधन बिल पर शादाब शम्स का बयान, बोले ‘लुटेरों का अड्डा बना वक्फ बोर्ड, गरीबों का हक दिलाएंगे’

Shadab Shams’ statement on Waqf Amendment Bill, said ‘Waqf Board has become a den of robbers, we will ensure the rights of the poor’

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने वक्फ संशोधन बिल को मुसलमानों की बेहतरी की दिशा में उठा अच्छा कदम बताया है। उन्होंने इस बिल को गरीब मुस्लमानों के लिए उम्मीद की किरण बताया और कहा कि वक्फ बोर्ड लंबे समय से लूट का अड्डा बना हुआ था, इस पर अब विराम लगेगा।

शम्स ने बिल का समर्थन करते हुए इसके विरोधियों पर निशाना साधा और कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे असल मुसलमान नहीं हैं, बल्कि “राजनीतिक मुस्लिम” और वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वाले लोग हैं।

शादाब शम्स ने वक्फ संपत्तियों में की गई हेरफेर का जिक्र करते हुए कहा, “वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर बड़े-बड़े लोगों ने कब्जा कर रखा है। कांग्रेस के नेता संजय गांधी के साथी अकबर अहमद डम्पी ने उत्तराखंड में 200 बीघा जमीन पर रिसॉर्ट बना लिया। मुजफ्फरनगर से सांसद सईदुज्जमां ने भी वक्फ की जमीन पर बंगला बनाया। हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी 8 रुपये प्रति एकड़ के किराए पर 1000 बीघा जमीन के किराएदार हैं। ओवैसी ने वक्फ की संपत्ति पर मेडिकल कॉलेज बनाया, लेकिन सवाल यह है कि वहां कितने गरीब मुस्लिम मुफ्त पढ़ते हैं?”

उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ की जमीनों को बेचने और हड़पने का खेल वर्षों से चल रहा है।

उन्होंने कहा, “75 साल तक कांग्रेस ने वक्फ को लूटा। उस वक्त न बीजेपी थी, न मोदी थे। आज मोदी सरकार गरीबों का हक गरीबों को देना चाहती है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष, सदस्य, मुतवल्ली से लेकर कर्मचारी तक, सबने मिलकर इसे लूट का अड्डा बना दिया। अब इस संशोधन से चीजें बदलेंगी।”

शम्स ने कहा कि वक्फ की संपत्तियों की जांच होनी चाहिए। बोले, “मेरे दो साल के कार्यकाल की भी जांच कराएं। जिन्होंने वक्फ का पैसा लूटा, उनकी संपत्ति से वसूली हो और वे जेल जाएं।”

शम्स ने वक्फ संशोधन बिल को “उम्मीद” का नाम देते हुए कहा कि यह गरीब और पिछड़े मुस्लिमों के लिए एक नई शुरुआत है।

उन्होंने कहा, “मोदी जी से भारत के मुस्लिमों को उम्मीद जगी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू इस उम्मीद की किरण हैं। यह बिल वक्फ में पारदर्शिता लाएगा और गरीबों को उनका हक दिलाएगा।”

उन्होंने ओवैसी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे संगठनों पर तंज कसते हुए कहा, “जिनके पास हजारों बीघा जमीन और 3000 करोड़ की संपत्ति है, वे गरीबों का हक छिनने से डर रहे हैं। उन्हें लगता है कि मस्जिदें छिन जाएंगी, लेकिन यह सच नहीं है।”

उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ की संपत्ति देश और समाज के काम आनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हम भारतीय मुस्लिम हैं। देश की सारी योजनाओं और संपत्तियों पर हमारा हक है, तो वक्फ की संपत्ति पर भी देश का अधिकार होना चाहिए। इस संपत्ति का पहला हक शहीद सैनिक परिवारों का है, जिनका कोई धर्म नहीं होता। फिर गरीब, शोषित और वंचित वर्ग को इसका लाभ मिले।”

शम्स का मानना है कि यह बिल लागू होने से देश मजबूत होगा और विश्व गुरु बनने की राह पर आगे बढ़ेगा।

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