पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक को देश की परीक्षा प्रणाली पर एक गंभीर कलंक और छात्रों के साथ घोर अन्याय बताया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि देश में इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं और अतीत में कई प्रश्नपत्र लीक मामलों के बावजूद, कई दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बार-बार होने वाली घटनाएं परीक्षा प्रश्नपत्र लीक करने में शामिल एक संगठित माफिया की मौजूदगी की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने आगे कहा, “केंद्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि ऐसी घटनाएं न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को हिलाती हैं बल्कि देश की छवि को भी धूमिल करती हैं।”
शांता कुमार ने केंद्र सरकार से परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी और समन्वित कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक को एक अत्यंत गंभीर अपराध बताया, जिसने लाखों युवा उम्मीदवारों के भविष्य को बर्बाद कर दिया और परीक्षा प्रणाली में जनता के विश्वास को ठेस पहुँचाई।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कई अन्य आपराधिक मामलों से कहीं अधिक हानिकारक होती हैं क्योंकि ये योग्य छात्रों का मनोबल तोड़ देती हैं और संस्थानों की विश्वसनीयता को कमजोर करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे मामलों में आमतौर पर केवल कुछ ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है जबकि बड़े गिरोह अछूते रह जाते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि वर्षों से इस तरह की संगठित अनियमितताओं के कारण देश में कितनी परीक्षाएं प्रभावित हुई होंगी।

