सूरत के कपड़ा बाजार स्थित शिवशक्ति टेक्सटाइल मार्केट में 24 घंटे से भी ज्यादा समय से लगी भीषण आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सका है। सूरत म्युनिसिपल कमिश्नर शालिनी अग्रवाल ने बताया कि पूरे सूरत शहर से हाइड्रोलिक मशीन, टर्न टेबल मशीन, फायर फाइटर्स, वाटर टैंक मशीन को बुलाया गया है। रिलायंस और ओएनजीसी से भी फायर फाइटर्स को बुलाया गया है।
शालिनी अग्रवाल ने बताया कि आग बुझाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। तीन हाइड्रोलिक मशीनों और गैस कटर के जरिए दीवारों को काटा जा रहा है, और पूरे शहर के वाटर टैंकरों को आग बुझाने के काम में लगाया गया है।
सूरत नगर निगम (एसएमसी) की कमिश्नर शालिनी अग्रवाल ने बताया, “बुधवार को शिवशक्ति मार्केट में सुबह आग लगी थी। पूरे सूरत शहर की दमकल गाड़ियों को यहां भेजा गया है। कार्पोरेशन, पुलिस और कलेक्टर का तंत्र मिलकर इस पूरी आग बुझाने की कार्रवाई में सतत काम कर रहा है। पूरे सूरत शहर से हाइड्रोलिक मशीन, टर्न टेबल मशीन, फायर फाइटर, वाटर टैंक मशीन को बुलाया गया है। रिलायंस और ओएनजीसी से भी फायर फाइटर्स को बुलाया गया है। हम लोग हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि आग पर जल्दी से जल्दी काबू पा लिया जाए।”
सूरत, नवसारी, और बारडोली फायर ब्रिगेड टीम के अलावा हजीरा इंडस्ट्रियल क्षेत्र से ओएनजीसी, कृभको, एमएनएस, एनटीपीसी, रिलायंस और कलर टैक्स कंपनियों की फायर सेफ्टी टीमें भी आग बुझाने में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही, कलेक्टर और पुलिस प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं और प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द आग पर काबू पाया जा सके।
फायर ऑफिसर बसंत परीख के अनुसार, यहां पर सिंथेटिक कपड़े का बड़ा जखीरा होने के कारण आग बेकाबू हो रही है। हर फ्लोर पर कपड़े रखे होने से आग तेजी से फैल रही है, जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। लगातार 24 घंटे तक जल रही आग की वजह से इमारत पूरी तरह से गरम हो चुकी है, और फायर फाइटर्स को अंदर घुसने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। गैस कटर से दीवारों को तोड़ा जा रहा है और हाइड्रोलिक के जरिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा, दुकानों में लगे ताले काटने में भी समस्या हो रही है।
बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी भी कमजोर होती जा रही है और दो जगह दरारें आ गई हैं। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए आग बुझाने की कोशिशें की जा रही हैं। व्यापारी संगठन एफओएसटीए ने कपड़ा बाजार के दोनों तरफ मुख्य द्वार और शिवशक्ति मार्केट से सटे बाजारों को बंद रखने की अपील की है।
इसमें लगभग 55 बाजारों के 20,000 से ज्यादा व्यापारी शामिल हैं। फास्ट प्रमुख ने व्यापारियों से एक दिन का व्यापारिक नुकसान सहने की अपील की है, ताकि आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।