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बंगाल में ममता बनर्जी की हार के कारणों पर शोभा डे बोलीं, सहानुभूति की कमी पड़ी भारी

Shobhaa De on the reasons for Mamata Banerjee's defeat in Bengal, said lack of empathy was the key.

5 मई । पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों ने देश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी की जबरदस्त जीत ने जहां राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। इसी कड़ी में देश की प्रसिद्ध लेखिका और पूर्व मॉडल शोभा डे ने भी इस ऐतिहासिक जीत पर अपनी राय रखी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए इस पूरे घटनाक्रम को ‘ऐतिहासिक पल’ बताया और ममता बनर्जी की हार के कारणों पर भी बात की।

वीडियो की शुरुआत करते हुए शोभा डे ने कहा, ”आज सिटी ऑफ जॉय (कोलकाता) खुशियों से भरा हुआ है और यह स्वाभाविक भी है। मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन मैं इस ऐतिहासिक पल को यूं ही जाने नहीं दे सकती। इसलिए मैंने तैयार होकर यह वीडियो बनाया और कोलकाता के लोगों के साथ इस बड़ी और ऐतिहासिक जीत का जश्न मना रही हूं।”

शोभा डे ने अपने वीडियो में साफ किया कि वह इस मुद्दे के राजनीतिक पहलुओं में ज्यादा नहीं जाना चाहतीं, लेकिन उन्होंने यह सवाल उठाया कि आखिर ममता बनर्जी की हार के पीछे क्या कारण रहे।

उन्होंने कहा, “हम इसकी राजनीति में ज्यादा नहीं जाएंगे, लेकिन सवाल यह है कि ममता क्यों हार गईं? मुझे लगता है जवाब बहुत साफ है। पश्चिम बंगाल की महिलाओं ने ही एक महिला नेता को सत्ता से बाहर कर दिया। ममता ने क्या गलती की? उन्होंने कभी बंगाल की महिलाओं के प्रति सहानुभूति, एकजुटता या संवेदनशीलता नहीं दिखाई, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती थी और यही बात उनके खिलाफ चली गई। इसका असर चुनाव नतीजों में साफ दिखाई दिया।”

शोभा डे ने कहा, “यह हार सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी की हार नहीं है, बल्कि यह ममता बनर्जी के लिए एक व्यक्तिगत हार भी है। यह उनके लिए एक करारा झटका है। इस तरह की हार किसी भी नेता ने महसूस नहीं की होगी। इस समय हमें बदले या प्रतिशोध की बात नहीं करनी चाहिए।”

उन्होंने प्रधानमंत्री के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें मोदी ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल में अब कमल खिल रहा है और इसे खिलने देना चाहिए।’

शोभा डे ने कहा, “यह चुनाव परिणाम बदलाव का संकेत है और जनता ने साफ तौर पर बदलाव के पक्ष में वोट दिया है। राज्य के लोग लंबे समय से भ्रष्टाचार, खराब बुनियादी ढांचे और अपनी आवाज दबाए जाने जैसी समस्याओं से परेशान थे, और अब उन्होंने इन सबके खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है।”

शोभा डे ने ममता बनर्जी के लंबे कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा, ”ममता ने करीब 15 साल तक राज्य की सत्ता संभाली, लेकिन अब समय आ गया है कि वह इसे किसी और को सौंपें और देखें कि भाजपा राज्य में किस तरह काम करती है। अब पूरे देश की नजर इस पर रहेगी।”

इस बीच, पश्चिम बंगाल के लोगों को बधाई, जिन्होंने इतनी बड़ी संख्या में वोट दिया। 206 सीटों का आंकड़ा बहुत कुछ कहता है—यह उनकी आकांक्षाओं और उम्मीदों को दिखाता है। अब उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल का भविष्य फिर से उसकी पुरानी पहचान और गौरव को हासिल करेगा, जिसे धीरे-धीरे खत्म कर दिया गया था।

उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों को इस बड़े जनादेश के लिए बधाई देते हुए कहा, ”206 सीटों का आंकड़ा अपने आप में बहुत कुछ कहता है। यह दिखाता है कि लोग क्या चाहते हैं और उनकी क्या उम्मीदें हैं। पश्चिम बंगाल एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान और गौरव को हासिल करेगा। राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन अब यह मौका है कि वह फिर से आगे बढ़े और ‘सिटी ऑफ जॉय’ में खुशियां आएं।”

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