N1Live Entertainment शोमा आनंद: कभी ‘चालाक बहू’ तो कभी ‘गुस्सैल भाभी’ बनकर मचाया हंगामा, आज भी दिलों पर बसे हैं किरदार
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शोमा आनंद: कभी ‘चालाक बहू’ तो कभी ‘गुस्सैल भाभी’ बनकर मचाया हंगामा, आज भी दिलों पर बसे हैं किरदार

Shoma Anand: Sometimes she created a stir as a 'cunning daughter-in-law' and sometimes as an 'angry sister-in-law', her characters still hold a special place in our hearts.

16 फरवरी । हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई कलाकारों ने अलग-अलग किरदार निभाकर दर्शकों के दिल में जगह बनाई। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं शोमा आनंद। बहुत कम लोग जानते हैं कि शोमा आनंद का असली नाम नीलम अरोड़ा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर लीड एक्ट्रेस के तौर पर की थी, लेकिन वक्त के साथ वह बॉलीवुड की ‘चालाक बहू’ और ‘गुस्सैल भाभी’ के रूप में पहचानी जाने लगीं।

शोमा आनंद का जन्म 16 फरवरी 1958 को मुंबई में हुआ था। बचपन से ही उन्हें अभिनय और डांस का शौक था। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने डांस की ट्रेनिंग भी ली, ताकि कैमरे के सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ी हो सकें। उनका सपना था कि वह हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाएं और इसके लिए उन्होंने कम उम्र में ही कड़ी मेहनत शुरू कर दी।

साल 1976 में शोमा आनंद ने फिल्म ‘बारूद’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके अपोजिट दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर थे। पहली ही फिल्म से उन्होंने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने ‘जागीर’ और ‘कुली’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। उस दौर में शोमा आनंद एक उभरती हुई एक्ट्रेस थीं। हालांकि, समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री में उनकी छवि बदलने लगी।

लीड रोल धीरे-धीरे कम होते गए और उन्हें सहायक किरदार मिलने लगे। यहीं से शोमा आनंद के करियर का नया अध्याय शुरू हुआ। उन्होंने नेगेटिव और मजबूत घरेलू किरदार निभाने शुरू किए। ‘घर एक मंदिर’, ‘घर द्वार’, ‘स्वर्ग से सुंदर’, ‘बड़े घर की बेटी’, और ‘जैसी करनी वैसी भरनी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने जिद्दी, गुस्सैल, और चालाक बहू और भाभी के रोल निभाए। इन किरदारों में वह इतनी असरदार रहीं कि दर्शक उन्हें देखकर भावुक भी हुए और नाराज भी।

90 के दशक के बाद शोमा आनंद ने टीवी की दुनिया का रुख किया। छोटे पर्दे पर उन्हें जबरदस्त पहचान मिली। लोकप्रिय कॉमेडी सीरियल ‘हम पांच’ में उन्होंने अहम भूमिका निभाई, जहां उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके अलावा, वह ‘भाभी’, ‘शरारत’, ‘मायका’, ‘जिनी और जूजू’, और ‘खेलती है जिंदगी आंख मिचौली’ जैसे कई टीवी शोज में नजर आईं।

साल 2003 में आई फिल्म ‘हंगामा’ में शोमा आनंद ने परेश रावल की पत्नी ‘अंजलि’ का किरदार निभाया। यह रोल आज भी उनके करियर का सबसे यादगार रोल माना जाता है। भले ही इस फिल्म में वह एक सहायक भूमिका में थीं, लेकिन इस किरदार ने उन्हें अमर पहचान दिला दी। इसके बाद वह ‘क्या कूल हैं हम’ और ‘कल हो ना हो’ जैसी फिल्मों में भी नजर आईं।

आज शोमा आनंद भले ही फिल्मों और टीवी से दूर हैं, लेकिन उनकी पहचान लोगों के बीच आज भी जिंदा है।

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