भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) द्वारा राष्ट्रव्यापी आह्वान के जवाब में, श्रमिकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा की मांग को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व बीएमएस के राज्य कार्यकारिणी सदस्य जीवन सिंह ठाकुर ने किया और जिला सचिव चरणजीत वर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया।
विभिन्न क्षेत्रों के 400 से अधिक श्रमिकों ने, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, प्रदर्शन में भाग लिया। विरोध प्रदर्शन में ओडिशा के पुरी में आयोजित अखिल भारतीय सम्मेलन में पारित प्रस्तावों के पूर्ण कार्यान्वयन की मांग की गई और बजट में श्रमिकों के मुद्दों की उपेक्षा का विरोध किया गया।
प्रमुख मांगों में ईएसआई की अधिकतम सीमा में आवश्यक सुधार, कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत पांच वर्ष से अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों को सेवा अधिनियम 2024 के लाभों का विस्तार करना और विश्वविद्यालयों एवं सहकारी विभागों के कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था। श्रमिकों ने श्रम विभाग से आठ महीने से बंद पड़े अपने पोर्टल को फिर से खोलने की भी मांग की, जिसके कारण पंजीकृत श्रमिकों के सत्यापन में बाधा आ रही है।
विरोध प्रदर्शन के बाद, प्रतिनिधियों ने स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय स्तर का ज्ञापन और मुख्यमंत्री को राज्य स्तर की याचिका सौंपी। वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों की जायज़ मांगों को नज़रअंदाज़ करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ज़रूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज़ करने का संकल्प लिया।


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