N1Live National सिद्दारमैया के करीबी राजन्ना का कर्नाटक के सीएम पर तंज, ‘अब सिर्फ शिवकुमार ही सारे वोट दिला सकते हैं’
National

सिद्दारमैया के करीबी राजन्ना का कर्नाटक के सीएम पर तंज, ‘अब सिर्फ शिवकुमार ही सारे वोट दिला सकते हैं’

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के करीबी सहयोगी और कांग्रेस विधायक केएन राजन्ना ने शुक्रवार को तंज कसते हुए कहा कि अब पार्टी को वोट सिर्फ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की वजह से ही मिलेंगे। उन्होंने यह बात दोनों नेताओं और उनके समुदायों की तुलना करते हुए कही।

राजन्ना ने तुमकुरु में मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “अब सिद्दारमैया से कोई वोट नहीं मिलेगा। पार्टी को सारे वोट सिर्फ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से ही मिलेंगे।” उन्होंने कहा कि अगर शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह तर्क दिया जा सकता है कि वोक्कालिगा समुदाय के वोट कांग्रेस को उसी तरह मिलेंगे, जैसे सिद्दारमैया के मुख्यमंत्री रहने पर कुरुबा समुदाय के वोटों का समर्थन पार्टी को मिला था।

राजन्ना ने पूछा, “जब सिद्दारमैया मुख्यमंत्री थे, तो कुरुबा समुदाय के सभी वोट कांग्रेस को मिले थे। उसी तरह, जब शिवकुमार मुख्यमंत्री बने हैं, तो क्या वोक्कालिगा समुदाय के लोग बड़ी संख्या में कांग्रेस को वोट देंगे?” उन्होंने कहा कि शिवकुमार को इस आधार पर मुख्यमंत्री बनाया गया था कि वे वोक्कालिगा समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले एक ताकतवर नेता हैं, लेकिन लोग उनका समर्थन करेंगे या नहीं, यह आखिरकार चुनाव में मतदाता ही तय करेंगे।

राजन्ना ने कांग्रेस में सिद्दारमैया की स्थिति का भी बचाव किया और कहा कि वे ‘अहिंदा’ समुदाय के निर्विवाद नेता बने हुए हैं। उन्होंने कहा, “सिद्दारमैया ‘अहिंदा’ वर्ग के निर्विवाद नेता हैं। उन्होंने मुझे एपेक्स बैंक का अध्यक्ष बनाने की कोशिश की थी, लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हुईं। सिर्फ इसलिए अगर कोई यह कहे कि सरकार में उनकी बात की कोई अहमियत नहीं है, तो यह गलत है।”

राजन्ना ने कहा कि उन्हें मामले से कोई झटका नहीं लगा है और वे अपनी बात पर कायम हैं कि निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन होगा। भविष्य में लोकसभा चुनाव लड़ने का उनका इरादा है। मधुगिरी सब-डिवीजन में परिसीमन के बाद एक निर्वाचन क्षेत्र बनेगा। मैं वहीं से चुनाव लड़ूंगा।

वहीं, पूर्व मंत्री राजन्ना के बयान पर नगर प्रशासन मंत्री और शिवकुमार के करीबी सहयोगी एचसी बालकृष्ण ने कहा कि अगर पार्टी के किसी भी प्रमुख नेता, जिसमें एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार या सिद्दारमैया शामिल हैं, को कमजोर किया जाता है, तो पार्टी कमजोर होगी।

Exit mobile version