N1Live National युवाओं के विरोध प्रदर्शन में कुछ शरारती तत्व भी शामिल हो गए थे: संजय झा
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युवाओं के विरोध प्रदर्शन में कुछ शरारती तत्व भी शामिल हो गए थे: संजय झा

Some miscreants had also joined the youth protests: Sanjay Jha

जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी बात रखी।

उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में युवाओं द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन उचित था। छात्रों की मांग जायज थी और हम उनका समर्थन करते हैं। हालांकि, इस बात को भी खारिज नहीं किया जा सकता है कि बाद में इस विरोध प्रदर्शन में कई ऐसे तत्व भी शामिल हो गए थे, जिनका इस आंदोलन से प्रत्यक्ष रूप से कोई लेना देना नहीं था। मुझे जानकारी मिली थी कि कुछ लोगों को इस आंदोलन में दुबई से भी भेजा गया था। मैंने खुद इस मुद्दे को बाकायदा राज्यसभा में भी उठाया था।

साथ ही, उन्होंने विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों की ओर से दिए गए अशोभनीय बयानों की भी आलोचना की। उनके मुताबिक, इस विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने किस तरह से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, उसके वीडियोज सोशल मीडिया पर प्रकाश में आए। इससे जुड़े कई वीडियोज भी सामने आए हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे ये लोग प्रधानमंत्री के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैं। इस तरह की भाषा किसी भी व्यक्ति के लिए स्वीकार्य नहीं है। प्रधानमंत्री तो अपने आप में एक बहुत बड़ा पद है। वो देश के करोड़ों लोगों का नेतृत्व करते हैं। इसके बावजूद भी प्रदर्शन में शामिल लोगों ने ऐसी भाषा का प्रयोग किया, जबकि इस तरह की भाषा किसी आम व्यक्ति के लिए भी ठीक नहीं है, वो तो तब भी देश के प्रधानमंत्री हैं।

जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि हमें इस बात को भी देखना होगा कि आखिर वो कौन से लोग थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के संदर्भ में ऐसी अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि, प्रधानमंत्री विशाल हदय वाले व्यक्ति हैं, उन्होंने ऐसे अल्फाजों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को माफ कर दिया। हमें यह देखना होगा कि आखिर वो कौन लोग हैं, जिन्होंने ऐसे तत्वों को आंदोलन में शामिल कराया।

साथ ही, उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल राजनीतिक मोर्चे पर हाशिए पर जा चुकी है। उनके मुताबिक, आज की तारीख में राजद की स्थिति कैसी बनी हुई है, यह बात किसी से छुपी नहीं है। पिछले 20 सालों में राजद की राजनीति ने बिहार की जनता को त्रस्त कर दिया है। इन लोगों की संवाद क्षमता कैसी है, यह बात किसी से छुपी नहीं है और मुझे लगता भी नहीं है कि चुनाव के बाद ये लोग कभी आम जनता के बीच कभी गए होंगे। कुल मिलाकर, यही कहना चाहूंगा कि राजद की मौजूदा स्थिति शीर्ष नेतृत्व के लिए चिंता का विषय है, लिहाजा उसे इस पर ध्यान देना चाहिए।

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