N1Live Entertainment सोनम कपूर के बेबी शॉवर में दिखी सनातन धर्म की झलक, बताया ‘सीमन्तोन्नयन’ का महत्व
Entertainment

सोनम कपूर के बेबी शॉवर में दिखी सनातन धर्म की झलक, बताया ‘सीमन्तोन्नयन’ का महत्व

Sonam Kapoor's baby shower showcases Sanatan Dharma, explains the significance of 'Simantonnayan'

11 फरवरी । ‘सावंरिया’ में मुख्य किरदार निभाकर डेब्यू करने वाली अभिनेत्री सोनम कपूर दूसरी बार मां बनने वाली हैं। हाल ही में अभिनेत्री की गोद भराई की रस्म रखी गई है, जिसमें कपूर परिवार के सभी लोगों को देखा गया था।

अब खुद सोनम ने गोद भराई की वीडियो पोस्ट की है और गोदभराई में निभाई गई सनातन धर्म की पुरानी परंपरा ‘सीमन्तोन्नयन’ का महत्व बताया है।

सोनम कपूर ने इंस्टाग्राम पर गोदभराई की प्यारी सी वीडियो पोस्ट की है, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों को चेहरे पर मुस्कान लिए अभिनेत्री की गोद भराई करते देखा जा रहा है। फैशन आइकन मानी जाने वाली सोनम ने सीमन्तोन्नयन की परंपरा को निभाते हुए गोदभराई की है और उसका महत्व भी बताया है।

उन्होंने वीडियो पोस्ट कर कैप्शन में लिखा, “सीमन्तोन्नयन, सनातन धर्म के सोलह पवित्र गर्भ संस्कारों में से तीसरा संस्कार है, जो मां और उसके गर्भ में पल रहे जीवन का सम्मान करता है। भारत के विभिन्न हिस्सों में इसे गोद भराई, श्रीमंत, दोहले जेवन, शाद, सीमांतम, वलाइकाप्पु, सीमांत, पुलिक्कुडी और सदाबक्शन के नाम से जाना जाता है। नाम बदल सकते हैं, लेकिन आशीर्वाद प्यार, सुरक्षा और नए जीवन के उत्सव का रहता है।”

उन्होंने आगे लिखा, “यह प्राचीन रस्म और भी अधिक अर्थपूर्ण लगी क्योंकि मेरे सारे सबसे अच्छे दोस्त मेरे लिए मौजूद थे। मेरा पूरा परिवार भी आया था। मुझे बहुत सहारा मिला, और मेरी मां, मेरी सास और मेरी बहन को सब कुछ व्यवस्थित करने और मुझे इतना प्यार, स्नेह और सम्मान का एहसास कराने के लिए धन्यवाद। मैं इसे कभी नहीं भूलूंगी। आशीर्वादों से भरी गोद भराई।”

सीमन्तोन्नयन का उद्देश्य गर्भ में पल रहे शिशु की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा करना है और मां को भी गर्भावस्था में होने वाली परेशानियों से बचाना है। रस्म में भारत के कई हिस्सों में पति, पत्नी की मांग को गुलर की टहनी से भरता है और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता है। ये रस्म गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में की जाती है, जिससे डिलीवरी के समय मां को कष्टों को कम किया जा सके।

Exit mobile version