दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज से नाराज जिला परिषद सदस्य संजय बडवासनिया ने अपने साथियों के साथ शुक्रवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने अपने सिर पर पीले कपड़े और शरीर पर लोहे की जंजीरें बांध लीं।
बदवासनिया ने कहा कि भाजपा सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, वहीं राजधानी में देश की बेटियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। उन्होंने दावा किया कि लोकतंत्र और संविधान खतरे में हैं और उन्होंने खुद को जंजीरों से बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
उन्होंने आगे कहा कि देशभर के लोग छात्रों और युवाओं के साथ खड़े हैं। कथित NEET परीक्षा के पेपर लीक और उसके बाद छात्रों की आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवा सड़कों पर उतर आए हैं और न्याय की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों को “आवारा” कहकर युवा आंदोलन का मजाक उड़ाया है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर है और मनमाने ढंग से काम कर रही है।
अनुज जैन, राजेश मलिक और अनुराग जैन ने कहा कि वे युवाओं के भविष्य के लिए उनका तहे दिल से समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब अन्याय के खिलाफ छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के दोहरे मापदंड जनता के सामने उजागर हो चुके हैं और पार्टी के शासन में समाज का हर वर्ग नाखुश है और राहत पाने के लिए संघर्ष कर रहा है।

