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7 हजार गायों की देखभाल के लिए आगे आए सोनू सूद, गोशाला को दी 22 लाख रुपए की मदद

Sonu Sood came forward to care for 7,000 cows and donated Rs 22 lakh to the cow shelter.

फिल्मी पर्दे पर दमदार एक्शन करने वाले हीरो दर्शकों को काफी पसंद आते हैं, लेकिन असल जिंदगी में हीरो वही होते हैं जो जरूरतमंदों के काम आते हैं। अभिनेता सोनू सूद बीते कुछ सालों में लोगों की मदद करते आए हैं। अब उन्होंने गुजरात में जानवरों के कल्याण के लिए बड़ा कदम उठाया है। सोनू सूद ने कई बार साबित किया है कि वे जमीन से जुड़े और जिम्मेदार इंसान हैं। कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों की मदद से लेकर गरीबों की शिक्षा और इलाज तक, सोनू सूद का नाम मदद के कामों में हमेशा आगे रहा है।

सोनू सूद ने गुजरात के वाराही में स्थित एक बड़ी गोशाला को 22 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी है। यह गोशाला करीब 7,000 गायों का घर है, जहां बेसहारा, घायल और बचाई गई गायों की देखभाल की जाती है। इतनी बड़ी संख्या में गायों की सेवा करना आसान काम नहीं है। रोजाना उनके खाने, पीने, इलाज और रहने की व्यवस्था के लिए भारी संसाधनों की जरूरत होती है। ऐसे में सोनू सूद की यह मदद गोशाला के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

इस गोशाला की खास बात यह है कि इसकी शुरुआत बहुत छोटे स्तर पर हुई थी। कुछ गायों से शुरू हुआ यह सफर आज हजारों गायों तक पहुंच चुका है। सोनू सूद ने जब इस गोशाला का दौरा किया तो वह काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि जिस तरह यह गोशाला धीरे-धीरे बढ़ी और आज इतने बड़े स्तर पर काम कर रही है, वह पूरे समाज के लिए गर्व की बात है। यह सिर्फ गोशाला चलाने वालों की मेहनत नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की एक मिसाल है।

सोनू सूद ने कहा, ”गोशाला में काम करने वाले लोग जो सेवा कर रहे हैं, उनके सामने मेरी यह मदद बहुत छोटी है। अगर मेरी तरफ से दिया गया सहयोग गायों की देखभाल को बेहतर बनाने में थोड़ा भी काम आए, तो यह मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी होगी। यह राशि गोशाला में पशु चिकित्सा सुविधाओं, ढांचे को मजबूत करने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल की जाएगी।”

गोशाला के दौरे के दौरान वहां के लोगों से मिले अपनेपन को लेकर सोनू सूद ने कहा, ‘मुझे वहां जाकर बहुत अच्छा महसूस हुआ। मुझे गर्व है कि देश में ऐसे लोग हैं जो बिना किसी स्वार्थ के जानवरों की सेवा में लगे हैं। मैं आगे भी इस गोशाला से जुड़ा रहूंगा और समय-समय पर यहां आता रहूंगा।”

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