समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ‘गौशाला की दुर्गंध’ बनाम ‘इत्र की सुगंध’ बयान ने सियासी पारे को बढ़ा दिया है। उनके मुताबिक भाजपा गौशाला के जरिए दुर्गंध फैला रही है जबकि उनकी पार्टी इत्र के जरिए सुगंध फैला रही है। कन्नौज पहुंचे उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम ने वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर भी विवादित टिप्पणी की।
सपा प्रमुख ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अगर मैं यह कहूं कि मेरे आदर्श योगी जी हैं, तो हम पगला जाएंगे। जरा सोचिए, मुझे किस तरह के कपड़े पहनने पड़ते। हमारे आदर्श कौन हैं? हमारे आदर्श लोहिया जी हैं। हम डॉ. बीआर अंबेडकर के रास्ते पर चलते हैं। हम नेताजी के दिखाए रास्ते पर चलते हैं। हम समाजवादी विकास और समृद्धि के लिए प्रयास करते हैं।”
सपा अध्यक्ष ने आगे कहा, “कन्नौज में हमने भाईचारे की खुशबू फैलाई है। दूसरी तरफ भाजपा नफरत की बदबू फैलाती है। मैं कन्नौज के लोगों से आग्रह करता हूं कि वे भाजपा द्वारा फैलाई गई इस दुर्गंध को दूर करें- कुछ हद तक यह पहले ही साफ हो चुकी है, लेकिन अगले चुनाव में इसे पूरी तरह से हटा दें ताकि कन्नौज का रुका हुआ विकास आगे बढ़ सके।
इसके बाद अखिलेश ने गौशाला को लेकर विवादित टिप्पणी की। कहा, “भाजपा के लोग दुर्गंध पसंद करते हैं, इसलिए गौशाला बना रहे हैं। हम सुगंध पसंद कर रहे थे, इसलिए इत्र पार्क बना रहे थे। यूपी की योगी सरकार प्रदेश में सांड पकड़ने का काम कर रही है।”
शराब के ठेकों पर एक बोतल पर एक फ्री वाली स्कीम पर सपा प्रमुख ने कहा कि यह योगी जी का पार्टी टाइम है। हम सभी के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी टाइम शुरू किया है। यह कैसी सरकार है जो नवरात्र के मौके पर एक बोतल पर एक बोतल फ्री की योजना लाई है?
बता दें कि 31 मार्च तक पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए अंग्रेजी शराब के ठेकों पर ऑफर दिया जा रहा है, जिसे लेकर शराब के ठेकों पर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। एक बोतल पर एक फ्री वाली स्कीम पर योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है।
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