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‘तमाशा’ को लेकर इम्तियाज अली ने कहा- ‘कभी-कभी खुद की फिल्म भी अजीब लगती है’

Speaking about 'Tamasha', Imtiaz Ali said, "Sometimes, even one's own film feels strange."

फिल्ममेकर इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इसी बीच उन्होंने अपनी चर्चित फिल्म ‘तमाशा’ को लेकर दिलचस्प बात कही, जिसने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कहा कि कई बार उन्हें खुद भी नहीं लगता कि उन्होंने ही इस फिल्म को बनाया था।

इंटरव्यू के दौरान आईएएनएस ने इम्तियाज अली से पूछा कि क्या उन्हें अपनी बनाई हुई फिल्मों से एक तरह का भावनात्मक जुड़ाव महसूस होता है या फिर वह समय के साथ उनसे दूरी बना लेते हैं, इस पर उन्होंने कहा, ”जब मैं अपनी फिल्म ‘तमाशा’ देखता हूं, तो कई बार मुझे यह महसूस ही नहीं होता कि यह मेरी ही फिल्म है।”

उन्होंने कहा, ”जब मैं किसी सीन को देखता हूं, तो कुछ पल के लिए मुझे लगता है कि यह किसी और ने बनाया है। लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे याद आता है कि यह मैंने खुद बनाई है। मुझे फिल्म बनाते समय के पल याद आते हैं। कभी-कभी खुद की फिल्म भी अजीब लगने लगती है। मेरे लिए असली चीज वही शुरुआती प्रेरणा होती है, जो किसी भी फिल्म को बनाने के पीछे काम करती है।”

इम्तियाज अली ने कहा, ”मेरे लिए अपनी फिल्मों से भावनात्मक रूप से अलग होना कोई मुश्किल काम नहीं है। फिल्म बनाना एक व्यक्तिगत अनुभव होता है, लेकिन जब वह खत्म हो जाता है, तो धीरे-धीरे वह जुड़ाव कम होने लगता है। यह पूरी प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा है।”

उन्होंने बताया, ”जैसे ही एक कहानी पूरी होती है, मेरा ध्यान तुरंत किसी नई कहानी की ओर चला जाता है। मैं नए विचारों और नए किरदारों में उलझ जाता हूं, जिससे पुरानी फिल्में पीछे छूटती चली जाती हैं। मेरे लिए यह बदलाव जरूरी भी है। यही मुझे लगातार नए काम करने के लिए प्रेरित करता है।”

इसी बातचीत के बीच उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के बारे में भी बात की, जिसमें कई बड़े कलाकार शामिल हैं। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी वाघ जैसे कलाकार हैं। उन्होंने कहा, ”इस फिल्म का अनुभव मेरे लिए भी खास रहा है और यह दर्शकों के लिए एक अलग तरह का सिनेमाई अनुभव लेकर आती है। हर फिल्म एक नई यात्रा होती है और हर कहानी अपने साथ कुछ नया सीखने का मौका देती है।”

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