N1Live Punjab संसद का भाषण इंस्टाग्राम पर बैन करने पर मीत हेयर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बोला हमला, कहा कि यह बोलने की आज़ादी और लोकतंत्र का उल्लंघन है, तानाशाही की सबसे बड़ी मिसाल*
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संसद का भाषण इंस्टाग्राम पर बैन करने पर मीत हेयर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बोला हमला, कहा कि यह बोलने की आज़ादी और लोकतंत्र का उल्लंघन है, तानाशाही की सबसे बड़ी मिसाल*

Speaking in Parliament regarding the Instagram ban, Meet Hayer attacked the BJP-led central government, calling it a violation of freedom of speech and democracy, and the ultimate example of dictatorship.

अनिल भारद्वाज

चंडीगढ़ 31 जुलाई | आम आदमी पार्टी (आप) के संगरूर से सांसद मीत हेयर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र और बोलने की आज़ादी का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में जनहित के मुद्दों पर उनके भाषण को भारत में इंस्टाग्राम पर बैन करना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि भाजपा सरकार आलोचना से पूरी तरह बौखला चुकी है। उन्होंने कहा कि करीब 15 लाख वोटरों द्वारा चुने गए सांसद के संसद में दिए गए भाषण को सोशल मीडिया से हटाना या भारत में बैन करना डेमोक्रेटिक संस्थाओं और लोगों के जनादेश का अपमान है। अगर संसद में कही गई बात को भी लोगों तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है, तो इससे बड़ी तानाशाही और क्या हो सकती है?

मीत हेयर ने कहा कि संसद में नीट एग्जाम से जुड़े बिल पर चर्चा के दौरान उन्होंने पिछले 12 सालों में भाजपा सरकार की पॉलिसी और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे थे। उन्होंने कहा कि हाल ही में देशभर में नीट एग्जाम देने वालों का आंदोलन सिर्फ एग्जाम तक ही सीमित नहीं था, बल्कि यह देश के युवाओं की एकता और उनके हक की लड़ाई का प्रतीक बन गया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के दबाव में सरकार को अपने मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा, लेकिन सरकार को मंत्री के इस्तीफे का दुख नहीं है, बल्कि सबसे दुख की बात यह है कि पहली बार देश का युवा धर्म, जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर शिक्षा और भविष्य के मुद्दे पर एकजुट हुआ है।

उन्होंने कहा कि जब वह आंदोलन स्थल पर पहुंचे तो सिख, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई समेत सभी धर्मों के युवा एक मंच पर बैठे थे। सभी देशभक्ति के गीत गा रहे थे और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। यह एकता भाजपा को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है, क्योंकि पिछले 12 सालों से भाजपा ने गोदी मीडिया और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के जरिए धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटने का एक राजनीतिक नैरेटिव बनाया है। लेकिन इस युवा आंदोलन ने उस पूरे नैरेटिव को खत्म कर दिया है और भाजपा की बांटने वाली राजनीति को उजागर कर दिया है।

मीत हेयर ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों में शिक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं के भविष्य पर चर्चा हो। भाजपा चाहती है कि चुनाव सिर्फ़ हिंदू-मुस्लिम और धार्मिक ध्रुवीकरण के मुद्दों पर लड़े जाएं, क्योंकि उसके पास असली मुद्दों पर जनता को जवाब देने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी भाजपा हिंदू-सिख के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश कर रही है, लेकिन देश और पंजाब का युवा अब जाग चुका है और भाजपा की राजनीति को समझ गया है।

सांसद मीत हेयर ने शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि सरकार एग्जाम सिस्टम में सुधार करने के बजाय दिखावे के लिए फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि विकसित देशों में एग्जाम के सवाल-जवाब के लिए एयरफोर्स का इस्तेमाल नहीं होता, जबकि भारत में ऐसे फैसलों को कामयाबी बताकर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने की बात करती है, जबकि शिक्षा व्यवस्थाऔर एग्जाम सिस्टम में बड़े सुधारों की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित देशों के शिक्षा व्यवस्थासे सीखने की ज़रूरत है, न कि उन देशों की लाइन में खड़े होने की, जहां डेमोक्रेटिक संस्थाएं कमज़ोर हैं और बोलने की आज़ादी पर रोक है।

मीत हेयर ने कहा कि उन्होंने संसद में कोई भी असंसदीय शब्द इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने सिर्फ भाजपा की राजनीति को एक्सपोज किया जिसमें लोगों को धर्म, जाति और कम्युनिटी के नाम पर बांटकर पावर पाने की कोशिश की जा रही है। इसके बावजूद, इंडिया में इंस्टाग्राम पर उनके संसद स्पीच को ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने जर्नलिस्ट को सबूत भी दिखाए कि वीडियो उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर दिख रहा है, लेकिन जब इंडिया में लिंक ओपन किया जाता है, तो ‘पोस्ट इज़ नाट अवेलेबल इन इंडिया’ मैसेज आ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर संसद में दिए गए स्पीच को भी इस तरह से बैन किया जाता है, तो यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है।

कानूनी कार्रवाई के सवाल पर मीत हेयर ने कहा कि आम आदमी पार्टी की लीगल टीम पूरे मामले की स्टडी कर रही है और सभी लीगल ऑप्शन पर विचार किया जा रहा है। पार्टी लोकतंत्र और बोलने की आजादी की रक्षा के लिए हर मुमकिन लीगल और संविधानिक कदम उठाएगी।

नीट आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों पर दर्ज हो रहे केस को लेकर मीत हेयर ने भाजपा सरकार पर वादा तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आंदोलन खत्म करते समय विद्यार्थियों से वादा किया गया था कि उनके खिलाफ कोई एफआईआर या कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन अब उन्हीं विद्यार्थियों पर केस दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार के धोखे और दबाने वाली सोच का सबूत बताया और कहा कि जो युवा देश के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष कर रहे थे, उन्हें अपराधी की तरह पेश किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यार्थी आंदोलन के दौरान पुलिस ने बहुत ज़्यादा बल का इस्तेमाल किया। कई वीडियो सामने आए जिनमें प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और अमानवीय व्यवहार दिखाया गया। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं पर इस तरह का दबाव मंज़ूर नहीं है। आम आदमी पार्टी पहले भी विद्यार्थियों के संघर्ष के साथ खड़ी थी और आगे भी मज़बूती से उनके साथ खड़ी रहेगी।

प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज होने के सवाल पर मीत हेयर ने कहा कि आज हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि सरकार की आलोचना करने वालों पर केस दर्ज किए जा रहे हैं और डर का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा केस और दबाव के ज़रिए युवाओं को डराना चाहती है, लेकिन भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यहां के युवा न तो तानाशाही से दबेंगे और न ही धमकियों से पीछे हटेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश करके भाजपा को पहले भी राजनीतिक नुकसान हुआ है और अगर वह इसी रास्ते पर चलती रही तो आने वाले समय में जनता उसे करारा जवाब देगी।

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