January 7, 2026
National

गुरुवार को बन रहे हैं खास योग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की चाल

Special yoga is being formed on Thursday, know the auspicious and inauspicious times and the movement of the planets.

हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व होता है। किसी भी दिन की शुरुआत से पहले लोग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और ग्रहों की स्थिति जानना चाहते हैं ताकि अपने जरूरी काम सही समय पर किए जा सकें। खासतौर पर विवाह, व्यापार और यात्रा जैसे कार्यों में शुभ मुहूर्त देखना बेहद जरूरी माना जाता है। अगर बात करें 8 जनवरी की, तो यह माघ मास का छठा दिन है।

यह दिन गुरुवार का है, जो भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन सूर्य देव धनु राशि में विराजमान रहेंगे, जबकि चंद्रमा सिंह राशि से कन्या राशि में गोचर करेंगे।

पंचांग के अनुसार, 8 जनवरी को माघ मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह तिथि सुबह 7 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर 9 जनवरी की सुबह तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि आरंभ होगी। नक्षत्र की बात करें तो इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र लग जाएगा। योग की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। दिन में शाम 5 बजकर 26 मिनट तक सौभाग्य योग रहेगा और उसके बाद शोभन योग बनेगा।

शुभ मुहूर्त की दृष्टि से यह दिन कई अच्छे समय लेकर आएगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, जिसे किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम माना जाता है। इसके अलावा, रवि योग भी दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से अगले दिन सुबह तक रहेगा, जो कई कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।

वहीं अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 1 बजकर 46 मिनट से 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इस दौरान नए या महत्वपूर्ण कार्यों को शुरू करने से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगण्ड, गुलिक काल, दुर्मुहूर्त और भद्रा जैसे अशुभ मुहूर्त भी सुबह में पड़ रहे हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है। यमगण्ड 7 बजकर 15 मिनट से 8 बजकर 33 मिनट तक है। वहीं गुलिक काल 9 बजकर 52 मिनट से 11 बजकर 10 मिनट पर है। इसके अलावा, दुर्मुहूर्त 10 बजकर 44 मिनट से लेकर 11 बजकर 25 मिनट तक और भद्रा 7 बजकर 05 मिनट से लेकर 7 बजकर 15 मिनट तक है।

दिशा शूल दक्षिण दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। सूर्य और चंद्रमा के समय पर नजर डालें तो इस दिन सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 41 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 10 बजकर 53 मिनट पर और चंद्रास्त सुबह 10 बजकर 39 मिनट पर होगा। ग्रहों की यह स्थिति दिन और रात के प्रभाव को दर्शाती है।

गुरुवार होने के कारण इस दिन कुछ विशेष उपाय भी किए जा सकते हैं। दूध में हल्दी या केसर मिलाकर पीने से गुरु की स्थिति मजबूत मानी जाती है। भगवान विष्णु की पूजा, शिवजी का अभिषेक और बृहस्पति मंत्र का जाप करने से जीवन में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बढ़ती है।

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