N1Live Entertainment नेगेटिव रोल में दिखेंगे सुधांशु पांडे, अभिनेता ने अपने ‘जटिल’ किरदार को लेकर किया बड़ा खुलासा
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नेगेटिव रोल में दिखेंगे सुधांशु पांडे, अभिनेता ने अपने ‘जटिल’ किरदार को लेकर किया बड़ा खुलासा

Sudhanshu Pandey will be seen in a negative role, the actor made a big revelation about his 'complex' character.

टेलीविजन इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता सुधांशु पांडे इन दिनों लोकप्रिय शो ‘दो दुनिया एक दिल’ में नजर आ रहे हैं। इस सीरियल में वे एक निगेटिव किरदार में नजर आएंगे। हाल ही में उन्होंने आईएएनएस के साथ खास बातचीत में अपने रोल को लेकर बात की। अभिनेता ने बताया कि उनका किरदार काफी जटिल और लेयर्ड है। इसमें कई ऐसे पहलू दिए गए हैं, जो दर्शकों को चौंका सकते हैं। उन्होंने बताया, “मैं हर रोल में कुछ नया करने की कोशिश करता हूं ताकि दर्शकों को अनएक्सपेक्टेड मोमेंट्स देखने को मिले और ये सब करना मुझे काफी अच्छा लगता है।”

सुधांशु पांडे ने बताया कि शो में उनका किरदार भले ही बाहर से निगेटिव है, लेकिन इसमें कई तरह के डायमेंशन हैं, जो कहानी को धीरे-धीरे सामने लाने का काम करेंगे। सुधांशु पांडे ने कहा, “मेरी हमेशा से ऐसी किरदार बनाने की होती है जो दर्शकों के दिल में बस जाएं और लंबे समय तक याद रहें। अगर कोई कैरेक्टर दर्शकों से गहरा कनेक्शन बना ले, तो एक अभिनेता के तौर पर मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।”

जब आईएनएस ने सवाल किया, “शो में आप एक पिता की भूमिका भी निभा रहे हैं, लेकिन लोगों को लगता है कि आप अभी पिता के रोल के लिए काफी युवा हैं तो उन्होंने कहा, “पिता बनने का मतलब यह नहीं कि बाल या दाढ़ी सफेद हो जाए। मैं असल जिंदगी में भी पिता हूं। मेरे बच्चे हैं, लेकिन मैं फिट और एक्टिव हूं। समाज में पिता के लुक को लेकर एक स्टीरियोटाइप है, जो गलत है।”

उन्होंने आगे कहा कि फिटनेस और एनर्जी हर उम्र के लोगों में होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर कोई शादीशुदा और बच्चों वाला व्यक्ति भी एनर्जेटिक हो सकता है, जबकि बिना परिवार वाला भी अनफिट दिख सकता है। इसलिए हमें ऐसे पुराने विचारों से दूर रहना चाहिए।”

शो में डिजिटल क्राइम और सोफिस्टिकेटेड स्कैम जैसे विषय दिखाए जा रहे हैं, जिसको लेकर सुधांशु ने कहा, एजुकेशन और अवेयरनेस दो अलग-अलग चीजें हैं। बहुत पढ़े-लिखे लोग भी स्कैम कर सकते हैं और वही पढ़े-लिखे लोग उनके शिकार भी बन सकते हैं। इसलिए असली जरूरत जागरूकता (अवेयरनेस) की है। लोगों को ऐसे डिजिटल धोखाधड़ी के बारे में पता होना चाहिए ताकि वे सुरक्षित रह सकें।”

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