हमीरपुर जिले के सुजानपुर कस्बे के लोग पिछले मानसून के दौरान आई बाढ़ से तबाह हुई सड़कों और घरों के लिए राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान कस्बे की नगर समिति के वार्ड नंबर एक में हुआ था। निवासियों का कहना है कि न तो स्थानीय निकाय और न ही सरकार ने उनकी दुर्दशा पर ध्यान दिया है।
वार्ड नंबर आठ की हालत भी कुछ अलग नहीं है। कस्बे की पहाड़ी पर स्थित वार्डों से होकर बहने वाले नाले ने सड़कों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जो हल्की बारिश में भी जलमग्न हो जाती हैं। वार्डों की सड़कें या तो नाले के तल पर या उसके किनारे बनी हैं और जलभराव होने पर निवासी अपने घरों से बाहर भी नहीं निकल पाते।
सुजानपुर निवासी केके अवस्थी का कहना है कि एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय विधायक रणजीत सिंह के माध्यम से सरकार को क्षेत्र के 90 निवासियों द्वारा हस्ताक्षरित 29 सूत्री मांगों का एक चार्टर सौंपा था, लेकिन अभी तक जमीन पर कोई प्रगति नहीं हुई है।
उनका कहना है कि तिहरा किले की तलहटी में रहने वाले लोगों की हालत दयनीय है और सरकार से उन्हें विकास के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। वे आगे कहते हैं कि सुजानपुर चौगान, जो आवारा पशुओं का अड्डा और कूड़े का ढेर बन चुका है, उस पर भी नगर समिति और सरकार का ध्यान देने की जरूरत है। यहां तक कि मुख्य बाजार की सड़क पर भी चारों ओर गोबर बिखरा पड़ा है।
सुजानपुर के विधायक का कहना है कि कस्बे के निवासियों ने उन्हें कई समस्याओं से अवगत कराया है। उन्होंने आगे कहा कि वे इस मामले को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष उठाएंगे और अपने विधायक एलएडी फंड से कुछ काम करवाएंगे।

